Women Safety: Ola कैब का SOS बटन अब सीधे पुलिस से जुड़ गया है। जयपुर में महिला सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया। पहले चरण में एक लाख वाहन अभय कमांड सेंटर से जुड़े हैं। बटन दबाते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचेगी।
Rajasthan Abhay Command Center: जयपुर: महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक बड़ा तकनीकी नवाचार किया है। अब ओला कैब एप्लीकेशन में एसओएस बटन को सीधे अभय कमांड सेंटर से जोड़ दिया गया है।
किसी भी आपात स्थिति में कैब एप में दिखने वाला एसओएस बटन दबाते ही पुलिस को तत्काल सूचना मिलेगी। इसके बाद नजदीकी थाने की टीम या 112 पुलिस वाहन तुरंत मौके पर पहुंचकर मदद करेगा।
पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने बुधवार को प्रेसवार्ता में बताया कि इस पहल के तहत पहले चरण में प्रदेशभर के करीब 1 लाख वाहनों को जोड़ा गया है। इनमें से लगभग 40 हजार वाहन जयपुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र के हैं। इस व्यवस्था में जयपुर के अलावा सीकर, अलवर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा और जोधपुर भी शामिल हैं।
इससे सफर के दौरान असुरक्षित महसूस करने वाले यात्रियों को तुरंत राहत मिल सकेगी। मित्तल ने बताया कि हाल के दिनों में कैब ड्राइवरों और डिलीवरी बॉयज से जुड़ी मारपीट, लूट और अन्य गंभीर घटनाएं सामने आई थीं। इन्हीं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। जल्द ही अन्य कंपनियों के वाहनों को भी इससे जोड़ा जाएगा।
डीसीपी राजर्षि राज ने बताया कि पुलिस पहले भी कैब और डिलीवरी स्टॉफ के सत्यापन की कार्रवाई कर चुकी है। शहर में 7533 कैब ड्राइवरों की जांच में 205 के आपराधिक रिकॉर्ड मिले हैं। वहीं 16,436 डिलीवरी बॉयज के डेटा विश्लेषण में 38 संदिग्ध पाए गए हैं। इन सभी के खिलाफ निगरानी रखी जा रही है और संबंधित कंपनियों को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।
राजर्षि राज ने बताया कि अभी चिह्नित सभी जिलों के एक लाख वाहन जयपुर अभय कमांड सेंटर से जुड़ेंगे। जयपुर के अलावा अन्य जिलों से अलर्ट मिलने पर वहां के स्थानीय अभय कमांड को तुरंत कार्रवाई के लिए संदेश और लोकेशन भेज दी जाएगी।