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राजस्थान दिवस आज: अल्बर्ट हॉल पर 100 से ज्यादा कलाकार देंगे प्रस्तुति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री होंगे समारोह में शामिल

Rajasthan Diwas 2026: राजस्थान दिवस आज अल्बर्ट हॉल पर मनाया जाएगा। जहां 100 से अधिक कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शामिल होंगे।

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जयपुर

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Arvind Rao

Mar 19, 2026

Rajasthan Diwas 2026

Rajasthan Diwas 2026 (Patrika Photo)

Rajasthan Diwas 2026: राजस्थान दिवस का आयोजन गुरुवार, चैत्र प्रतिपदा 19 मार्च को किया जाएगा। पर्यटन विभाग की ओर से मुख्य कार्यक्रम शाम 7 बजे से अल्बर्ट हॉल पर होगा। पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने बताया कि राजस्थान दिवस जयपुर समेत प्रदेश के सभी जिलों में भव्य तरीके से मनाया जाएगा।

अल्बर्ट हॉल पर आयोजित समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी, राज्य सरकार के मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। इस अवसर पर अल्बर्ट हॉल पर सुर-ताल और लय से सजी सांस्कृतिक संध्या होगी, जिसमें पद्मश्री अनवर खां मांगणियार और पद्मश्री तगाराम भील प्रस्तुति देंगे।

सांस्कृतिक संध्या की झलक

सांस्कृतिक संध्या में 100 से अधिक राजस्थानी कलाकार, कथक और नर्तक घूमर, कालबेलिया, चरी, कच्छी घोड़ी, भवाई, तीन ढोल, गैर, चंग-ढप, कथक और अन्य लोक कलाओं की प्रस्तुति देंगे। वहीं, समारोह में आतिशबाजी भी होगी। कला, साहित्य, संस्कृति और पुरातत्व विभाग की ओर से जवाहर कला केंद्र, रवींद्र मंच सहित प्रदेश के सभी जिलों में भी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

कृषि क्षेत्र में भी डिजिटल और एआई लाएगा तरक्की

डॉ. विमला डूंकवाल, कुलगुरु, कृषि विश्वविद्यालय, कोटा के मुताबिक, राजस्थान का कृषि में सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों (ड्रिप एवं स्प्रिंकलर) का तेजी से विस्तार हुआ है। इससे जल एएकी बचत के साथ उत्पादन में वृद्धि हुई है। किसानों द्वारा ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, सीड ड्रिल जैसी आधुनिक मशीनों का उपयोग बढ़ा है, जिससे श्रम लागत कम हुई है और कार्यक्षमता में सुधार हुआ है।

फसल विविधीकरण भी वर्तमान में कृषि की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। पहले जहां मुख्य रूप से बाजरा, ज्वार एवं दालों की खेती होती थी। वहीं अब सरसों, जीरा, धनिया, सौंफ जैसी नकदी फसलों के साथ-साथ बागवानी फसलों का उत्पादन भी बढ़ा है।

राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड ने किसानों को आर्थिक एवं तकनीकी सहायता प्रदान की है। इसके अतिरिक्त पशुपालन, डेयरी एवं बकरी पालन जैसे सहायक व्यवसाय भी किसानों की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

सीएम भजनलाल शर्मा ने एक्स पर दी शुभकामनाएं…

समस्त प्रदेशवासियों को 'राजस्थान दिवस' की हार्दिक शुभकामनाएं! आज का दिन हमारी गौरवशाली विरासत, समृद्ध संस्कृति और उन मानवीय मूल्यों के उत्सव का दिन है, जिन्होंने राजस्थान को विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। आइये, हम सब मिलकर 'विकसित राजस्थान 2047' के संकल्प को सिद्ध करने हेतु अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। जय हिन्द! जय भारत! जय राजस्थान!

भविष्य की कृषि

भविष्य में राजस्थान की कृषि और अधिक तकनीकी, टिकाऊ एवं जल-संरक्षण आधारित होने की संभावना है। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को देखते हुए सूखा-सहिष्णु एवं कम अवधि वाली फसलों का विकास और उपयोग बढ़ेगा।

डिजिटल कृषि का विस्तार होगा, जिसमें ड्रोन, सैटेलाइट, मोबाइल एप एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से फसल प्रबंधन, मौसम पूर्वानुमान एवं बाजार जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाएगी। इससे कृषि निर्णय अधिक वैज्ञानिक एवं सटीक होंगे।

जैविक एवं प्राकृतिक खेती का महत्व भी भविष्य में बढ़ेगा, क्योंकि उपभोक्ताओं में रसायनमुक्त उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि किसानों को बेहतर मूल्य भी प्राप्त होगा।

इसके अलावा, एग्री-प्रोसेसिंग एवं वैल्यू एडिशन के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं हैं। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के विकास से किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

पावरहाउस राजस्थान: ऊर्जा में नंबर वन, अब प्रबंधन में बनना है बेस्ट

एक्सपर्ट, एके गुप्ता, पूर्व प्रबंध निदेशक, डिस्कॉम्स के मुताबिक, राजस्थान आज देश के ऊर्जा नक्शे पर एक ‘पावर हाउस स्टेट’ के रूप में तेजी से उभरा है। विशाल भौगोलिक क्षेत्र, साल में 325 से अधिक धूप वाले दिन और पर्याप्त भूमि उपलब्धता ने इसे सौर ऊर्जा का प्राकृतिक केंद्र बना दिया है।

पिछले कुछ वर्षों में राज्य की कुल स्थापित विद्युत क्षमता में अच्छी वृद्धि हुई है, जिसमें अक्षय ऊर्जा, खासकर सोलर का योगदान सबसे अधिक रहा है। भड़ला सोलर पार्क जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स ने राजस्थान को वैश्विक पहचान दिलाई है। वहीं, पीएम-कुसुम योजना के जरिए किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़कर राज्य ने एक व्यावहारिक और जनहितकारी मॉडल भी पेश किया है।

हालांकि, उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से हुई इस प्रगति के मुकाबले प्रसारण तंत्र अभी भी कमजोर कड़ी बना हुआ है। कई बार पर्याप्त ट्रांसमिशन क्षमता न होने के कारण बड़ी मात्रा में उत्पादित बिजली का पूरा उपयोग नहीं हो पाता।

इसी तरह वितरण व्यवस्था भी चुनौतियों से घिरी है। डिस्कॉम्स वित्तीय दबाव, लॉस और बिजली चोरी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिसके कारण सस्ती बिजली का लाभ आम उपभोक्ता तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाता।

इस स्थिति को सुधारने के लिए जरूरी है कि उत्पादन, प्रसारण और वितरण…तीनों स्तरों पर संतुलित सुधार किए जाएं। साथ ही स्मार्ट ग्रिड और डिजिटल मॉनिटरिंग से वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकता है।

अब अगला बड़ा कदम बैटरी स्टोरेज सिस्टम का तेजी से डेवलपमेंट है। यह तकनीक दिन में उत्पादित सौर ऊर्जा को संग्रहित कर रात या पीक डिमांड के समय उपयोग में लाने में मदद करेगी, जिससे ग्रिड की स्थिरता बढ़ेगी और महंगी बिजली खरीद की जरूरत घटेगी। कुल मिलाकर, राजस्थान अब उत्पादन में अग्रणी बनने के बाद ऊर्जा प्रबंधन में उत्कृष्टता की ओर बढ़ रहा है।

राजस्थान दिवस पर जवाहर कला केंद्र में दो दिवसीय ब्रज महोत्सव की शुरुआत

राजस्थान दिवस के मौके पर दो दिवसीय ब्रज महोत्सव की शुरुआत बुधवार से जवाहर कला केंद्र में हुई। राजस्थान ब्रज भाषा अकादमी और पोद्दार संस्थान की ओर से आयोजित महोत्सव में ब्रज भाषा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, साहित्य और लोक कलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान गुरुवार को ब्रज भाषा के प्रमुख कवियों और साहित्यकारों को सम्मानित किया जाएगा। पोद्दार संस्थान के चेयरमैन डॉ. आनंद पोद्दार ने बताया कि ब्रज भाषा और संस्कृति को जीवंत रूप प्रदान करने के उद्देश्य से इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक छटा के मूल दर्शन कराए जाएंगे।

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पारंपरिक मयूर नृत्य, फूलों की होली तथा अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां खास होगी। राजस्थान ब्रज भाषा अकादमी की सचिव डॉ. लता श्रीमाली ने बताया कि आज के मुख्य सत्र में ब्रज भाषा के कवियों एवं साहित्यकारों को एक मंच पर एकत्रित किया जाएगा। राजस्थान कला, साहित्य एवं संस्कृति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने कहा कि ब्रज भाषा भारतीय संस्कृति की एक महत्वपूर्ण धरोहर है।