- फर्जी खबरों से रहें अलर्ट - पुरानी तस्वीरों और वीडियो को गलत तरीके से पेश करके पाकिस्तान फर्जी दावे कर रहा है। साथ ही उनको सोशल मीडिया पर वायरल भी कर रहा है
मोहित शर्मा.
जयपुर. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान बौखला गया है। इस बौखलाहट में पाकिस्तानी मीडिया और शरीफ सरकार फर्जी खबरें और फेक न्यूज फैला रहे हैं। सच को छुपाने और जमीनी हकीकत से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान ने फिर अपनी जानी-पहचानी चाल चल दी है। पुरानी तस्वीरों और वीडियो को गलत तरीके से पेश करके पाकिस्तान फर्जी दावे कर रहा है। साथ ही उनको सोशल मीडिया पर वायरल भी कर रहा है।
भारत की ओर से किए गए इस हमले में कई आतंकवादियों के मारे जाने की खबर सामने आई है। दरअसल पाकिस्तान ने अपनी कमजोरी छिपाने के लिए फेक न्यूज के सहारे डिजिटल वॉर शुरू किया है। पाकिस्तान समर्थक सोशल मीडिया हैंडल और यहां तक कि प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियां भी जानबूझकर फर्जी खबरें फैला रही हैं। ये लोग पाकिस्तानी सेना की चमत्कारिक सैन्य जीत और वीरतापूर्ण प्रतिशोध की कहानियां गढ़ रहे हैं, जो वास्तव में मौजूद नहीं हैं।
भारत सरकार ने लोगों से अपील की है कि असत्यापित जानकारी शेयर करने से बचें और सटीक जानकारी के लिए केवल भारत सरकार के आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
बेशर्मी भरा एक गलत सूचना का वीडियो पाकिस्तान समर्थकों ने जारी किया है। जिसमें झूठा दावा किया गया कि भारतीय सेना ने एलओसी पर सफेद झंडा फहराया और आत्मसमर्पण कर दिया है। हकीकत में यह सितंबर 2019 का एक पुराना वीडियो, जिसमें पाकिस्तानी सेना अपने मृत सैनिकों के शवों को वापस लाने के लिए एलओसी पर सफेद झंडा लहरा रही है। पाकिस्तानी हैंडल द्वारा इस वीडियो को झूठे दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि यह भारतीय सेना है जो अपने सैनिकों के शवों को वापस लाने के लिए एलओसी पर सफेद झंडा लहरा रही है।
सच्चाई को छुपाने और जमीनी हकीकत से ध्यान हटाने के एक जबरदस्त प्रयास में, पाकिस्तान ने अपनी जानी-पहचानी चाल चल दी है। उसने पुरानी तस्वीरों को फिर से इस्तेमाल करना, पुराने वीडियो को गलत तरीके से पेश करना और पूरी तरह से मनगढ़ंत दावे गढऩा और उनको सोशल मीडिया पर प्रचारित करना भी शुरू कर दिया है। हालांकि भारत सरकार पीआईबी फैक्ट चैक के जरिए रोज पाकिस्तान के झूठ का खुलासा भी कर रहा है।
जानकारों के अनुसार पाकिस्तान का टारगेट क्लियर है कि इनफार्मेशन सेक्टर में तेजी से और भारी मात्रा में झूठ भरना जिससे तथ्य और कल्पना में अंतर करना मुश्किल हो जाए। हम आपको बता दें कि ये सिर्फ गलत सूचना नहीं है, यह एक सुनियोजित अभियान है, जो वास्तविकता को गलत ढंग से पेश करने, जनता को गुमराह करने और पूरे क्षेत्र में धारणाओं में हेरफेर करने के लिए बनाया गया है।