जयपुर

Physiotherapy: ” जब शरीर दर्द के माध्यम से संकेत देता है, तो फिजियोथेरेपी उसे सुनती और समझती है”

Medical Conference: राजस्थान फिजियो समिट-2026 का आगाज: सेवा और साधना के रूप में चिकित्सा का संदेश। फिजियोथेरेपी में समग्र दृष्टिकोण पर जोर, देवनानी ने छात्रों को दी नई दिशा।
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Apr 06, 2026
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Rajasthan Physio Summit 2026: जयपुर. राजधानी जयपुर के बिरला सभागार में आयोजित दो दिवसीय “राजस्थान फिजियो समिट-2026” का सोमवार को शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी रहे, जिन्होंने अपने संबोधन में फिजियोथेरेपिस्ट्स को चिकित्सा को केवल उपचार तक सीमित न रखते हुए इसे सेवा और साधना का माध्यम बनाने का आह्वान किया।

“फिजियोथेरेपी से फिजियोपैथी” विषय पर आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के समिट में देशभर के लगभग 30 विश्वविद्यालयों से 2000 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में नई सोच, शोध और समग्र चिकित्सा दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है।

प्राचीन ज्ञान और आधुनिक चिकित्सा का समन्वय

अपने उद्बोधन में देवनानी ने कहा कि आज फिजियोथेरेपी जिस समग्र दृष्टिकोण की बात करती है, उसकी जड़ें भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा में निहित हैं। उन्होंने बताया कि हमारे शास्त्रों में प्राण, नाड़ी, चक्र और ऊर्जा प्रवाह जैसी अवधारणाओं का विस्तार से वर्णन मिलता है, जिन्हें आज आधुनिक विज्ञान न्यूरो रिहैबिलिटेशन, माइंड-बॉडी कनेक्शन और फंक्शनल रिकवरी के रूप में पहचान रहा है।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे उपचार से समझ, समझ से चेतना और चेतना से मानवता तक की इस यात्रा को आगे बढ़ाएं।

योग दिवस से वैश्विक पहचान मिली भारतीय परंपरा को

देवनानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत भारत की स्वास्थ्य परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने वाला ऐतिहासिक कदम है। आज विश्व के अनेक देश, चाहे वे किसी भी धर्म या संस्कृति से जुड़े हों, योग को अपना रहे हैं। यह भारत की समृद्ध परंपरा और ज्ञान का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि भारत सदैव से विश्व गुरु रहा है और हमारा उद्देश्य पूरे विश्व का मार्गदर्शन करना है, न कि किसी पर प्रभुत्व स्थापित करना।

फिजियोथेरेपी: शरीर की भाषा को समझने का विज्ञान

समिट को संबोधित करते हुए देवनानी ने कहा कि फिजियोथेरेपी केवल व्यायाम या पुनर्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर की भाषा को समझने का एक गहरा विज्ञान है। जब शरीर दर्द के माध्यम से संकेत देता है, तो फिजियोथेरेपी उसे सुनती और समझती है।

उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे मरीजों को केवल “केस” के रूप में न देखें, बल्कि एक जीवित चेतना के रूप में समझें। यही दृष्टिकोण उन्हें एक बेहतर चिकित्सक बनाएगा।

पीजी संकाय और संस्थानों के पंजीयन पर जोर

फिजियोथेरेपी में पीजी संकाय खोलने की मांग पर देवनानी ने कहा कि इसके लिए सतत और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। साथ ही उन्होंने संस्थानों के सही पंजीयन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।

उद्घाटन सत्र में राजस्थान स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रमोद येओले, एम्स जोधपुर के अध्यक्ष और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस.एस. अग्रवाल, सनराइज ग्रुप के चेयरमैन हरीश राजानी, जय दुर्गा ग्रुप के निदेशक डॉ. अनिल गुप्ता, आरआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के राम बाबू शर्मा, विनायक ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के चेयरमैन राजेंद्र चौधरी तथा समिट के अध्यक्ष डॉ. ध्रुव तनेजा सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

दो दिनों तक चलने वाले इस समिट में विभिन्न तकनीकी सत्र, कार्यशालाएं और विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, जो फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेंगे।

Updated on:
06 Apr 2026 04:55 pm
Published on:
06 Apr 2026 04:55 pm