साइबर अपराध निरोधक शाखा ने रामनगरिया में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर साइबर ठगी में लिप्त छह युवकों को हिरासत में लिया। आरोपी ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर लोगों से पैसे म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर कराते थे। जांच में दुबई कनेक्शन सामने आया है।
Jaipur Crime: साइबर अपराध निरोधक शाखा (सीएसटी) ने रामनगरिया क्षेत्र में फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए साइबर धोखाधड़ी में लिप्त छह युवकों को हिरासत में लिया है। कॉल सेंटर के जरिए पकड़े गए आरोपी ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर लोगों को झांसा देकर उनके खातों से अपने म्यूल अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कराते थे। सीएसटी की टीम ने रामनगरिया थाना क्षेत्र स्थित एक फ्लैट पर दबिश दी, जहां पकड़े गए सभी युवक अलग-अलग लैपटॉप पर काम करते मिले।
स्पेशल पुलिस कमिश्नर राहुल प्रकाश ने बताया कि जांच में सामने आया कि उनके लैपटॉप में एक ऑनलाइन गेमिंग साइट संचालित हो रही थी, जो लेजर आईडी के माध्यम से चलाई जा रही थी और जिसकी लाइन दुबई से जुड़ी थी। परकोटा के नींदड़ रावजी का रास्ता निवासी अदनान अहमद, चांदपोल निवासी अबु हमजा, चित्तौड़गढ़ के राशमी निवासी संपत कीर, भीलवाड़ा के शाहपुरा निवासी हेमेंद्र सिंह राणावत, बाड़मेर के लतासर निवासी उत्तमराम तथा मध्यप्रदेश के दतिया स्थित धमतलपुरा निवासी उमेश मल्होत्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने मौके से फर्जीवाड़े में इस्तेमाल हो रहे बैंकिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण बरामद किए हैं। इनमें 42 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, 31 चेकबुक/पासबुक, 17 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप/डेस्कटॉप, 5 सील, 7 सिम कार्ड तथा 2 स्कूटी और कार शामिल हैं।
कॉल सेंटर के जरिए आरोपी पहले कस्टमर को गेमिंग प्लेटफॉर्म पर खेलने का लालच देते थे, फिर उनसे अपने म्यूल अकाउंट में राशि ट्रांसफर कराते थे। ट्रांजेक्शन कन्फर्म होते ही उन्हें ऑनलाइन गेमिंग में जोड़ दिया जाता था।
कुछ महीने पहले सीएसटी ने दो फर्जी कॉल सेंटर पकड़े थे और 42 लोगों को गिरफ्तार किया था। दोनों कॉल सेंटर से अमेरिका के नागरिकों से ठगी की जा रही थी। अब पुलिस रामनगरिया में पकड़े गए कॉल सेंटर के पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन, विशेषकर दुबई से जुड़े लिंक की जांच में जुट गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि लेजर आईडी किसके माध्यम से संचालित की जा रही थी और इस रैकेट के पीछे कौन लोग हैं।