Jaipur Traffic News: जयपुर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया है। लेट प्रोजेक्ट्स पर कार्रवाई और नए कमांड सेंटर की तैयारी से जाम की समस्या कम करने की योजना बनाई गई है।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर शहर में यातायात प्रबंधन एवं सुधार के लिए प्रगतिरत विभिन्न जेडीए प्रोजेक्ट्स को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं निर्माणकर्ताओं के विरुद्ध परफॉर्मेंस और लिक्विडिटी पेनल्टी लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने की कार्ययोजना को जेडीए और यातायात पुलिस सहित संबंधित विभागों के समन्वय से शीघ्र लागू किया जाए।
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शर्मा ने जयपुर शहर की यातायात व्यवस्था के रियल टाइम मैनेजमेंट के लिए नए इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर की स्थापना की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके लिए जेडीए, परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया। उन्होंने इस सेंटर को यातायात प्रबंधन और सुरक्षा के लिहाज से मॉडल सेंटर बनाने पर भी जोर दिया।
शर्मा गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में जयपुर शहर के यातायात सुधार के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने जेडीए को सीबीआई फाटक, सालिग्रामपुरा फाटक और सिविल लाइन फाटक आरओबी, गोपालपुरा एलिवेटेड रोड तथा सांगानेर एलिवेटेड रोड के कार्यों को गति देने और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, जेएलएन मार्ग पर प्रभावी यातायात प्रबंधन योजना बनाने को भी कहा।
मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित अरण्य भवन-जगतपुरा एलिवेटेड रोड की डीपीआर शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। अजमेर रोड पर पुरानी चुंगी अंडरपास तथा राम मंदिर-रेलवे यार्ड-रेलवे सर्किल के बीच वैकल्पिक मार्ग के लिए प्रस्तावित आरओबी के ट्रैफिक दबाव का पुनः आकलन कर नई फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने को कहा। उन्होंने द्रव्यवती एलिवेटेड कॉरिडोर की डीपीआर भी जल्द तैयार करने के निर्देश दिए।
शर्मा ने कहा कि महल रोड, सीकर रोड और न्यू सांगानेर रोड को सिग्नल फ्री बनाने और बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए डबल यू-टर्न की योजना पर शीघ्र कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने रामबाग चौराहे पर लागू फ्री लेफ्ट टर्न व्यवस्था को शहर के अन्य व्यस्त चौराहों पर भी लागू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जेडीए को ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को संतुलित करने के लिए चिन्हित चौराहों पर लेन निर्धारण, गोलचक्कर निर्माण सहित आवश्यक कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करने को कहा। साथ ही, अनियमित मीडियन ओपनिंग को बंद करने और यू-टर्न स्थानों को चिन्हित कर उन्हें व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रमुख चौराहों और बाजारों में पैदल यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए नियंत्रित क्रॉसिंग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। विद्यालय क्षेत्रों में संकेत बोर्ड, गति नियंत्रण और जेबरा क्रॉसिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने महल रोड, डिग्गी रोड और कालवाड़ रोड पर सेक्टर रोड से जुड़े कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। इसके अलावा, जेडीए, नगर निगम और यातायात पुलिस को शहर में पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित और नियमानुसार संचालित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने यातायात पुलिस को स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से आमजन को नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने एफएम के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित करने और चालान के साथ संबंधित व्यक्ति को संक्षिप्त नियमावली उपलब्ध कराने के लिए भी कहा। बैठक में यातायात पुलिस ने वीओसी मोबाइल एप, आईटीएमएस और ड्रोन तकनीक के उपयोग से यातायात प्रबंधन में किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी प्रस्तुत की।