
नई दिल्ली/जयपुर: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर और बीकानेर मंडल में रिश्वतखोरी के दो अलग-अलग मामलों में पांच अधिकारियों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों मामले 13 अगस्त को दर्ज किए गए थे। कार्रवाई के दौरान जयपुर मामले में 1.46 लाख रुपए और बीकानेर मामले में 1.20 लाख रुपए की रिश्वत बरामद की गई।
पहले मामले में सीबीआई ने उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर के कार्यालय अधीक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप है कि वह अन्य सरकारी कर्मचारियों और निजी लोगों के साथ मिलकर नवी मुंबई स्थित एक निजी कंपनी के रेलवे से जुड़े काम के बिलों को अनुकूल तरीके से पारित कराने और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत मांग रहा था। सीबीआई ने जाल बिछाकर कार्यालय अधीक्षक, सहायक वित्तीय सलाहकार और वरिष्ठ अनुभाग अधिकारी, उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर को गिरफ्तार किया। इनके साथ नवी मुंबई स्थित निजी कंपनी के एक कर्मचारी को भी पकड़ा गया।
कार्रवाई के दौरान 1.46 लाख रुपए की रिश्वत बरामद की गई। उनके जयपुर और दिल्ली स्थित कई ठिकानों पर तलाशी भी ली गई। इस दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नौ लाख रुपए नकद बरामद किए गए।
दूसरा मामला उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल के वरिष्ठ अनुभाग अधिकारी के खिलाफ दर्ज किया गया। आरोप है कि वह कोलकाता स्थित एक निजी कंपनी के अधिकारियों और अन्य लोगों के साथ मिलकर रेलवे के काम से जुड़े बिलों को अनुकूल तरीके से आगे बढ़ाने और भुगतान कराने के बदले रिश्वत ले रहा था। जाल बिछाकर की गई कार्रवाई में वरिष्ठ अनुभाग अधिकारी और लेखा सहायक, उत्तर पश्चिम रेलवे, बीकानेर के साथ कोलकाता स्थित निजी कंपनी के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया।
इनके पास से 1.20 लाख रुपए की रिश्वत बरामद हुई। उनके बीकानेर और जयपुर स्थित कई स्थानों पर तलाशी ली गई। दोनों मामलों में सीबीआई आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि रिश्वतखोरी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।