
Ashok Gehlot : कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश में स्थिति बेहद नाजुक है। जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है। कांग्रेस सरकार वापस आएगी। तब देखेंगे। जमीन कब्जे मामले में खींवसर (नागौर) विधायक पहले भी पकड़े गए थे लेकिन कोई जवाब नहीं आया। अजमेर से सांसद व केंद्रीय मंत्री ने सब्सिड़ी के 90 लाख रुपए उठा लिए। संसद में मुद्दा उठा तो वापस जमा करवाया। जमा कराने से क्राइम खत्म नहीं होता।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि सिलिकोसिस पीड़ितों की हालत बहुत खराब है। उन्हें खुद को पता नहीं कब तक जिंदा रहेंगे। उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। न ही एक्स-रे होने का पता है। पहले जो सुविधा मिल रही थी वो सभी ब्लॉक किए जा चुके हैं। दौसा में फर्जी सर्टिफिकेट देते दो-तीन चिकित्सक पकड़े गए थे। इसके बाद सुविधा ही रोक दी गई। हर विभाग व स्कीम में भ्रष्टाचार होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि एक-दो घटना से योजना ही रोक दी जाए। सिलिकोसिस पीड़ित तड़प रहे हैं। सांस नहीं आती है। फिर इलाज न मिलने पर क्या बीतती है? बिना ऑक्सीजन जिंदा नहीं रह सकते।
जोधपुर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में अशोक गहलोत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वो सिलिकोसिस पीड़ितों से मिलकर आए तो यह सब पता लगा। राज्य में हालात बड़े गंभीर हैं। सरकार पूरी तरह जोधपुर व संभाग की उपेक्षा कर रही है।
एक सवाल के जवाब में पूर्व सीएम ने कहा कि उप चुनाव में भाजपा की हालत पतली हो गई। बिहार में भी यही हुआ। जनता निकाय व पंचायत चुनाव में जवाब देने को तैयार बैठी है। शासन नाम की चीज नहीं है। भ्रष्टाचार की हदें पार हो रही हैं। जयपुर में मंत्री मिलते नहीं हैं। सभी दरवाजे बंद हैं।
चुनाव के संबंध में पूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस कमेटी निकाय व पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। कांग्रेस की जीत होगी। लोहावट के जम्भेश्वर नगर में महिला की हत्या के मामले में पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है। विपक्ष ही नहीं बल्कि भाजपा के कार्यकर्ता खुद ही आलोचना करते होंगे। वो बोल नहीं पा रहे हैं।
अयोध्या के मंदिर में चंदा चोरी पर पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि इस चोरी ने पोल खोल दी है। कई वर्षों से श्रद्धालुओं ने चंदा दिया। आज तक हिसाब नहीं दिया। घोटाला देश के सामने आना चाहिए।
मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग दोहराते हुए गहलोत ने कहा कि मानगढ़ के शहीदों ने देश की आजादी के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था और उनके सम्मान में राष्ट्रीय स्मारक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मानगढ़ आए थे और उस समय इस दिशा में उम्मीद जगी थी, लेकिन आज तक निर्णय नहीं हुआ। उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।