
जयपुर। राज्य बजट में इस बार कृषि विकास और किसान कल्याण को केंद्र में रखते हुए सरकार ने सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण, संरक्षित खेती, भंडारण और बाजार विस्तार के लिए कई घोषणाएं की हैं। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं से जुड़े विभिन्न कार्यों पर 11 हजार 300 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाएंगे।
खास बात यह है कि 35 लाख किसानों को 25 हजार करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त फसल ऋण दिया जाएगा। इसके अलावा 800 करोड़ रुपए ब्याज अनुदान पर खर्च होंगे। इस घोषणा को आगामी पंचायत चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है।
किसानों को राहत देते हुए कृषि भूमि के पट्टों की बकाया किस्तें 1 अप्रेल से 30 सितंबर 2026 तक एकमुश्त जमा कराने पर ब्याज में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए पावर टिलर, डिस्क प्लाउ, कल्टीवेटर, हैरो और रीपर जैसे उपकरणों पर 160 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा, जिससे सीधे तौर पर करीब पचास हजार किसान लाभान्वित होंगे। 500 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना के तहत 90 प्रतिशत अनुदान पर 70 हजार क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को डेटा आधारित सलाह और बाजार जानकारी देने के लिए एग्री स्टैक पीएमयू का गठन होगा।