
सोनम वांगचुक के प्रदर्शन पर BJP विधायक बालमुकुंदाचार्य की प्रतिक्रिया (Photo-IANS)
Sonam Wangchuk Hunger Strike: दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वे नीट पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। उनके समर्थन में देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं और आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। इसी पर जयपुर के बीजेपी विधायक बालमुकुंदाचार्य ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मामले पर बड़ा बयान देते हुए उन्होंने कहा कि वांगचुक के आंदोलन से उन्हें दिक्कत नहीं है लेकिन लेकिन जिस तरह की गतिविधियां वहां हुईं, जिनमें देश विरोधी नारे लगाए गए और राम जी के बारे में टिप्पणियां की गईं, वे स्वीकार्य नहीं हैं।
बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि हर किसी के अपने अधिकार हैं। सबके पास प्रदर्शन करने का अधिकार है। लेकिन आपने देखा कि किस तरह का प्रदर्शन हुआ। किस प्रकार के कॉकरोच अचानक आए और इस देश के पर्यावरण को दूषित करने का काम किया। इस तरह की गतिविधियां समय-समय पर होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि उनके प्रदर्शन से किसी को कोई दिक्कत नहीं है, बस वहां होने वाली गतिविधियों से है। वहां भगवान राम और मां जानकी जी का अपमान किया जा रहा है, यह तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दिल्ली हाई कोर्ट में रविवार को सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने कहा कि करीब तीन हफ्ते की भूख हड़ताल के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, वांगचुक की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि उन्हें अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने का अधिकार है और वे मेडांटा जाना चाहते हैं।
सोनम वांगचुक नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ पिछले 20 दिनों से ज्यादा समय तक भूख हड़ताल पर बैठे रहे। इस आंदोलन में वे सबसे प्रमुख चेहरा बनकर सामने आए। लगातार कई दिनों तक खाना नहीं खाने की वजह से उनकी तबीयत लगातार खराब होती गई और उनका करीब 10 किलो वजन भी कम हो गया। शनिवार सुबह पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई। हालांकि, उनके समर्थकों ने इसे जबरन उठाने की कार्रवाई बताते हुए विरोध जताया।
Updated on:
19 Jul 2026 05:26 pm
Published on:
19 Jul 2026 05:26 pm
