Rajasthan Budget: राजस्थान बजट में भजनलाल सरकार ने पेयजल संकट से राहत के लिए बीसलपुर परियोजना सुदृढ़ीकरण व नए ढांचे हेतु 650 करोड़ दिए। 400 एमएम नई लाइन से जयपुर-टोंक के लाखों लोगों को पानी मिलेगा। साथ ही 600 नलकूप व 1200 हैंडपंप लगाकर ग्रामीण इलाकों तक सप्लाई बढ़ाई जाएगी।
Rajasthan Budget 2026: प्रदेश की भजनलाल सरकार ने पेयजल संकट के समाधान और आमजन को राहत पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। आगामी ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बीसलपुर बांध परियोजना के सुदृढ़ीकरण और नए बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 650 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है।
राजस्थान बजट में इस योजना के तहत सूरजपुर से 400 MM की नई ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जाएगी। इस कार्य का सीधा लाभ जयपुर और टोंक जिले की विशाल आबादी को मिलेगा। चाकसू, बक्शी और आसपास के 1092 गांवों की लगभग 30 लाख आबादी को बीसलपुर का पानी सुलभ होगा। टोंक जिले में निवाई, टोडारायसिंह और दूनी (डूंगरी) जैसे क्षेत्रों की 20 लाख आबादी को बेहतर दबाव के साथ शुद्ध पेयजल मिल सकेगा।
गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए सरकार ने प्रदेश स्तर पर 1200 नए हैंडपंप लगाने का प्रस्ताव रखा है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 160 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों की सूची सदन के पटल पर रखी गई है।
विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया गया कि आगामी वर्ष में जल संकट से निपटने के लिए 600 नलकूप (ट्यूबवेल) और 1200 हैंडपंप स्थापित किए जाएंगे। इन कार्यों का मुख्य उद्देश्य दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों और उन ढाणियों तक पानी पहुंचाना है जो वर्तमान में मुख्य पाइपलाइन से दूर हैं। सरकार का यह कदम न केवल बीसलपुर परियोजना पर बढ़ते दबाव को कम करेगा, बल्कि जयपुर और टोंक के प्यासे कंठों तक राहत पहुंचाने का काम करेगा।
जल जीवन मिशन योजना के तहत 6500 गांवों को शमिल कर हर घर नल से जोड़ा जाएगा। इस पर 4500 करोड़ खर्च होंगे। 2300 करोड़ की लागत से शहरों में पेयजल का इंतजाम होगा। वहीं, अगले साल 3 लाख नए पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे। देशनोक में 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने 750 करोड़ खर्च होंगे।
गर्मी में पर्याप्त पेयजल के लिए 600 ट्यूबवेल लगेंगे। समर कंटिजेंसी के लिए हर कलेक्टर को 1-1 करोड़ मिलेंगे। 10 करोड़ की लागत से पानी पद जयपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खुलेगा। वाटर एफिसिएंसी पर पायलट प्रोजेक्ट और मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब शुरू होगा।