Rajasthan Politics : हाल ही में मध्य प्रदेश और बिहार समेत 7 राज्यों की 13 सीटों पर हुए विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आने के बाद राजस्थान भाजपा की टेंशन बढ़ गई है।
राजस्थान में लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा की 5 सीटों पर उपचुनाव होने है। इनमें दौसा, टोंक जिले की देवली-उनियारा, खींवसर, झुंझुनू और बांसवाड़ा की चौरासी विधानसभा सीट शामिल है। इन सीटों पर संभवत नंबवर में उपचुनाव होने है। हाल ही में मध्य प्रदेश और बिहार समेत 7 राज्यों की 13 सीटों पर हुए विधानसभा उपचुनाव के नतीजे शनिवार को आए। जिसके बाद प्रदेश भाजपा की टेंशन बढ़ गई है।
7 राज्यों की इन 13 विधानसभा सीटों पर I.N.D.I.A ने 10, NDA ने 2 सीटें जीतीं। सभी सीटों पर 10 जुलाई को वोटिंग हुई थी। कांग्रेस ने 4, टीएमसी ने 4, AAP-डीएमके ने 1-1 सीटें जीती हैं। वहीं, भाजपा के खाते में 2 सीटें गई हैं। एक सीट पर निर्दलीय विजयी हुआ है।
उपचुनाव के नतीजों के बाद राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि 'इतिहास गवाह है उपचुनावों में हमेशा कांग्रेस ने जीत हासिल की है और हम सभी पांच सीटों पर उपचुनाव जीतेंगे, हम पूरी ताकत से लड़ेंगे और हर सीट पर बेहतर उम्मीदवार उतारेंगे।'
भाजपा कार्यसमिति की शनिवार को शुरू हुई। इस बैठक में प्रदेश भाजपा के दिग्गज नेता मौजूद रहे। शनिवार को राजस्थान प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे ने लोकसभा चुनाव में देश में भाजपा की कम सीटें आने पर खरी-खरी सुनाई और इसके कारण भी बताए। उन्होंने कहा कि कभी-कभी आपस में चर्चा करते समय हम एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ने का काम शुरू कर देते हैं, जो ठीक नहीं है। निष्पक्ष तरीके से आत्मपरीक्षण कर चुनाव परिणामों की समीक्षा करनी पड़ेगी।
राजस्थान उपचुनाव में कांग्रेस पक्ष में हो या विपक्ष में हमेशा मजबूत रही है। ऐसे में इस बार भी इन पांच सीटों पर कांग्रेस खेमा मजबूत नजर आ रहा है। आंकड़ों की बात करें तो पिछले 10 सालों में विधानसभा की 20 और लोकसभा की दो सीटों पर उपचुनाव हुए हैं। दो लोकसभा सहित 14 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा ने चार, रालोपा ने एक और बीएपी ने एक सीट जीती।