Rajasthan Teachers : राजस्थान के कॉलेज शिक्षकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। अब उन्हें सम्मेलन, सेमिनार, संगोष्ठी और कार्यशालाओं में भाग लेने के लिए पूरे वर्ष अकादमिक अवकाश मिल सकेगा।
Rajasthan Teachers : राजस्थान के कॉलेज शिक्षकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। अब उन्हें सम्मेलन, सेमिनार, संगोष्ठी और कार्यशालाओं में भाग लेने के लिए पूरे वर्ष अकादमिक अवकाश मिल सकेगा। राजस्थान सरकार ने पूर्व की समय-सीमा को समाप्त करते हुए वर्ष पर्यंत अवकाश स्वीकृत करने का आदेश जारी किया है, जिससे उच्च शिक्षा में शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
राजस्थान सरकार की ओर से जारी संशोधित आदेश के अनुसार अब कॉलेज शिक्षकों को 1 जुलाई से 30 जून तक पूरे शैक्षणिक सत्र में अकादमिक अवकाश लेने की अनुमति होगी। पहले यह अवकाश केवल 1 जुलाई से 31 जनवरी तक सीमित था, जिससे शिक्षकों की अकादमिक गतिविधियां बाधित हो रही थीं।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) राजस्थान (उच्च शिक्षा) के प्रदेश महामंत्री प्रो. रिछपाल सिंह ने इस संबंध में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने सेमेस्टर प्रणाली में पुरानी समय-सीमा को अप्रासंगिक बताते हुए इसकी समीक्षा की मांग की थी।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. मनोज कुमार बहरवाल ने इस निर्णय को शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति बताया। उन्होंने कहा कि यह आदेश उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शोध संस्कृति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस आदेश का सीधा लाभ राजस्थान के लगभग 6000 कॉलेज शिक्षकों को मिलेगा। प्रदेश में 292 राजकीय महाविद्यालय और 374 राजकीय सहायता प्राप्त (राजसेस) महाविद्यालय संचालित हैं। इन सभी संस्थानों के शिक्षक अब बिना किसी बाधा के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अकादमिक कार्यक्रमों में भागीदारी कर सकेंगे। इससे न केवल व्यक्तिगत विकास होगा, बल्कि छात्रों को बेहतर शिक्षा और नवीनतम ज्ञान का लाभ भी मिलेगा।
शिक्षक संगठनों ने कहा भजनलाल सरकार का यह निर्णय प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग की प्रगतिशील सोच को दर्शाता है। अकादमिक अवकाश की यह नई व्यवस्था शिक्षकों को निरंतर सीखने और योगदान देने के अवसर प्रदान करेगी, जिससे राजस्थान की उच्च शिक्षा व्यवस्था और मजबूत बनेगी। राजस्थान के शिक्षक संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी ऐसे सुधार जारी रहेंगे। कुल मिलाकर, यह खबर राजस्थान के कॉलेज शिक्षकों के लिए एक सकारात्मक विकास है, जो शोध और नवाचार को बढ़ावा देगा।