जयपुर

Rajasthan Divas 2026: विरासत से विकास तक, मरू अब बीमारू नहीं…आज समृद्धि की राह पर दौड़ रहा

Rajasthan Divas 2026: राजस्थान स्थापना के समय अभावों से जूझता मरू प्रदेश आज समृद्धि की राह पर है। खाद्यान्न कमी से उबरकर अब अन्न, तिलहन और दूध उत्पादन में अग्रणी बना है। बालोतरा में कच्चे तेल उत्पादन से अर्थव्यवस्था को बल मिला है।

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Mar 19, 2026
Rajasthan Diwas 2026 (Patrika Photo)

Rajasthan Divas 2026: स्थापना के समय अभावों से जूझता मरू प्रदेश (राजस्थान) आज समृद्धि की राह पर दौड़ रहा है। जहां 77 साल पहले हम खाद्यान्न की कमी झेल रहे थे। वहीं अब अन्न, तिलहन और दूध के उत्पादन सहित विभिन्न क्षेत्रों में देश में शीर्ष पर पहुंच गया है।

वर्षों तक जल संकट विकास में बाधा बनता रहा, अब कच्चे तेल के उत्पादन से पश्चिमी राजस्थान का बालोतरा जिला प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बूस्ट देने की ओर कदम बढ़ा रहा है। 30 मार्च 1949 को रियासतों के विलय से बने राजस्थान ने 1 नवंबर 1956 को पूर्ण स्वरूप लिया।

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विकास की राह…

  • गांव-ढाणी से शहरों तक आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार
  • युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप के बढ़ते अवसर
  • पर्यटन के वैश्विक नक्शे पर मजबूत उपस्थिति
  • निवेश, इन्फ्रास्ट्रक्चर और उद्योग में लगातार बढ़ोतरी
  • आईटी, शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट में नई पहचान
  • जयपुर-परकोटा यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल

यहां बना अग्रणी…

  • क्षेत्रफल के हिसाब से देश का सबसे बड़ा राज्य
  • देश की 7वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
  • 2028-29 तक 350 बिलियन डॉलर और 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
  • सोलर एनर्जी और सीमेंट उत्पादन में अग्रणी
  • जनसंख्या 08 करोड़ से अधिक
  • क्षेत्रफल 3.42 लाख वर्ग किमी

ये रही हमारी ताकत…

  • लैड, जिंक, सेलेनाइट और वोलास्टोनाइट का प्रमुख उत्पादक
  • ब्लेंडेड फैब्रिक और ऊन उत्पादन में अग्रणी
  • मीनाकारी-कुंदन ज्वेलरी एक्सपोर्ट में नंबर-1
  • तिलहन, सरसों, बाजरा, जीरा और ग्वार के बड़े उत्पादक
  • पशुधन, दूध और मूंगफली उत्पादन में दूसरा स्थान
  • दूसरा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क, तीसरा सबसे बड़ा हाइवे नेटवर्क

90% मार्बल, स्लेट और सैंडस्टोन की आपूर्ति…

  • 29 लाख से अधिक एमएसएमई का मजबूत इकोसिस्टम
  • मार्बल आदि के प्रोडक्शन व प्रोसेसिंग में पहला स्थान

लोक नृत्य…
घूमर, कालबेलिया, भवाई व चकरी जैसे नृत्य यहां के लोकजीवन और भावनाओं को दर्शाते हैं। रंग-बिरंगे परिधान और लयबद्ध संगीत इसकी विशेषता है।

शाही किले…
आमेर, मेहरानगढ़ और चित्तौड़गढ़ जैसे किले इतिहास की गौरवगाथा सुनाते हैं। विशाल प्राचीर, भव्य महल और कलात्मक नक्काशी इनकी विशेषता हैं।

मरुस्थलीय वन्यजीव…
डेजर्ट नेशनल पार्क में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, चिंकारा, लोमड़ी और रेगिस्तानी बिल्ली पाई जाती हैं। कठोर जलवायु में भी ये जीवित रहते हैं।

पारंपरिक शिल्प…
ब्लॉक प्रिंटिंग, बंधनी, ब्लू पॉटरी और लकड़ी व पत्थर की नक्काशी विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। बारीक कारीगरी और तकनीक इन्हें अलग पहचान दिलाती हैं।

त्योहार…
तीज, गणगौर, पुष्कर मेला और डेजर्ट फेस्टिवल प्रमुख हैं। लोकनृत्य, संगीत, मेले और पारंपरिक वेशभूषा इन त्योहारों को खास बनाते हैं।

संगीत…
मांगणियार संगीत और लंगा गायन परंपराएं प्रसिद्ध हैं। सारंगी, खड़ताल, ढोलक जैसे वाद्य उपयोग होते हैं। वीरता, प्रेम और विरह के गीत गूंजते हैं।

विकास…
हमारे शहर और गांव उद्योग, पर्यटन और शिक्षा में प्रगति कर रहे हैं। सड़क, जल और ऊर्जा परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुधार हुआ है।

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Published on:
19 Mar 2026 10:54 am
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