Rajasthan Divas 2026: राजस्थान स्थापना के समय अभावों से जूझता मरू प्रदेश आज समृद्धि की राह पर है। खाद्यान्न कमी से उबरकर अब अन्न, तिलहन और दूध उत्पादन में अग्रणी बना है। बालोतरा में कच्चे तेल उत्पादन से अर्थव्यवस्था को बल मिला है।
Rajasthan Divas 2026: स्थापना के समय अभावों से जूझता मरू प्रदेश (राजस्थान) आज समृद्धि की राह पर दौड़ रहा है। जहां 77 साल पहले हम खाद्यान्न की कमी झेल रहे थे। वहीं अब अन्न, तिलहन और दूध के उत्पादन सहित विभिन्न क्षेत्रों में देश में शीर्ष पर पहुंच गया है।
वर्षों तक जल संकट विकास में बाधा बनता रहा, अब कच्चे तेल के उत्पादन से पश्चिमी राजस्थान का बालोतरा जिला प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बूस्ट देने की ओर कदम बढ़ा रहा है। 30 मार्च 1949 को रियासतों के विलय से बने राजस्थान ने 1 नवंबर 1956 को पूर्ण स्वरूप लिया।
लोक नृत्य…
घूमर, कालबेलिया, भवाई व चकरी जैसे नृत्य यहां के लोकजीवन और भावनाओं को दर्शाते हैं। रंग-बिरंगे परिधान और लयबद्ध संगीत इसकी विशेषता है।
शाही किले…
आमेर, मेहरानगढ़ और चित्तौड़गढ़ जैसे किले इतिहास की गौरवगाथा सुनाते हैं। विशाल प्राचीर, भव्य महल और कलात्मक नक्काशी इनकी विशेषता हैं।
मरुस्थलीय वन्यजीव…
डेजर्ट नेशनल पार्क में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, चिंकारा, लोमड़ी और रेगिस्तानी बिल्ली पाई जाती हैं। कठोर जलवायु में भी ये जीवित रहते हैं।
पारंपरिक शिल्प…
ब्लॉक प्रिंटिंग, बंधनी, ब्लू पॉटरी और लकड़ी व पत्थर की नक्काशी विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। बारीक कारीगरी और तकनीक इन्हें अलग पहचान दिलाती हैं।
त्योहार…
तीज, गणगौर, पुष्कर मेला और डेजर्ट फेस्टिवल प्रमुख हैं। लोकनृत्य, संगीत, मेले और पारंपरिक वेशभूषा इन त्योहारों को खास बनाते हैं।
संगीत…
मांगणियार संगीत और लंगा गायन परंपराएं प्रसिद्ध हैं। सारंगी, खड़ताल, ढोलक जैसे वाद्य उपयोग होते हैं। वीरता, प्रेम और विरह के गीत गूंजते हैं।
विकास…
हमारे शहर और गांव उद्योग, पर्यटन और शिक्षा में प्रगति कर रहे हैं। सड़क, जल और ऊर्जा परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुधार हुआ है।