Online Food Delivery: होटलों से ऑनलाइन फूड डिलीवरी की जाती है। होटल-रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि सिलेंडर का स्टॉक अब न के बराबर है और आज या कल में ऑनलाइन फूड डिलीवरी भी बंद हो सकती हैं।
Online Food Delivery in Jaipur: राजधानी जयपुर समेत पूरे प्रदेश में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के कारण फूड इंडस्ट्री गैस सिलेंडर के लिए जूझ रही है। शहर के होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने स्पष्ट किया है कि उनके पास अब गैस का स्टॉक खत्म हो चुका है, जिससे आज या कल में ऑनलाइन फूड डिलीवरी बंद की जा सकती है।
जगतपुरा सहित जयपुर के कई क्षेत्रों में किचन बंद होने की कगार पर हैं। होटल कर्मचारियों और संचालकों ने अपनी पीड़ा साझा की है।
वैश्विक तनाव (पश्चिम एशिया संघर्ष): इजराइल-ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ईंधन आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जो इस युद्ध के कारण प्रभावित हुआ है।
सरकार की प्राथमिकता (घरेलू उपभोक्ता): केंद्र और राज्य सरकार ने एक आपातकालीन आदेश के तहत घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है। तेल कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि पहले घरों का चूल्हा जलना चाहिए, जिससे कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई में कटौती की गई है।
जमाखोरी और कालाबाजारी: किल्लत की खबरों के बीच कई जगह सिलेंडरों की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे सामान्य संचालकों तक सिलेंडर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
राजस्थान सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस स्थिति पर हाई-लेवल मीटिंग की है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
सरकार ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि गैस की कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए और राशनिंग के जरिए आपूर्ति सुचारू की जाए। तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने रिफाइनरीज में उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 3 से 5 दिनों में कॉमर्शियल सप्लाई को धीरे-धीरे बहाल किया जाएगा। हालांकि, पूरी तरह सामान्य होने में थोड़ा और समय लग सकता है।
जयपुर के करीब 7,000 रेस्टोरेंट्स और ढाबों पर इस संकट का सीधा असर है। लोग अब वैकल्पिक माध्यमों जैसे इंडक्शन या कोयले पर निर्भर होने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारी मात्रा में खाना बनाने के लिए ये नाकाफी साबित हो रहे हैं।
सिलेंडर का स्टॉक अब न के बराबर बचा है। हम जैसे-तैसे काम चला रहे थे, लेकिन अब कोई विकल्प नहीं बचा। अगर आज शाम तक आपूर्ति सुचारू नहीं हुई, तो हमें मजबूरी में ऑनलाइन ऑर्डर लेना बंद करना पड़ेगा।
-अजय, कर्मचारी (जगतपुरा)
गैस सिलेंडर सप्लाई में देरी हो रही है। इस वजह से कार्य संचालन के लिए अव्यवस्था उत्पन्नन हो रही है। सरकार से मांग है कि गैस सिलेंडर आपूर्ति की व्यवस्था सुचारू करवाए।
-रविकांत शर्मा, होटल संचालक (जयपुर)