जयपुर

खबर ज़रा हटके : ‘बाबा’ रामदेव से मिले ‘बाबा’ किरोड़ी लाल मीणा, जानें बंद कमरे में क्या हुई बात?

राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री और जननेता डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने शुक्रवार को हरिद्वार में योग गुरु बाबा रामदेव से शिष्टाचार भेंट की, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो रही हैं।

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Apr 25, 2026
Dr. Kirodi Lal Meena with Baba Ramdev
Dr. Kirodi Lal Meena with Baba Ramdev

राजस्थान की राजनीति में कब क्या हो जाए, यह कोई नहीं जानता, लेकिन जब 'बाबा' किरोड़ी लाल मीणा सक्रिय होते हैं, तो हलचल जयपुर से लेकर दिल्ली तक महसूस की जाती है। शुक्रवार, 24 अप्रैल को ऐसी ही एक हलचल हरिद्वार में देखी गई। भजनलाल सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने हरिद्वार स्थित पतंजलि आश्रम पहुँचकर योग गुरु बाबा रामदेव से मुलाकात की। दो 'बाबाओं' की इस मुलाकात की तस्वीरें जैसे ही सोशल मीडिया पर आईं, चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।

कई महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा

डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने खुद इस मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए इसे एक 'सौभाग्य' बताया। उन्होंने लिखा कि बाबा रामदेव के साथ योग, आयुर्वेद और राष्ट्रहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने बाबा रामदेव के सरल व्यक्तित्व और देश के प्रति उनके समर्पण की जमकर तारीफ की। लेकिन जानकार मानते हैं कि जब दो इतने प्रभावशाली व्यक्तित्व मिलते हैं, तो चर्चा सिर्फ आयुर्वेद तक सीमित नहीं रहती।

33 साल पुराना रिश्ता: 'अनाड़ीपन' से लड़ने का वो किस्सा

बाबा रामदेव और किरोड़ी लाल मीणा का रिश्ता कोई नया नहीं है। बाबा रामदेव सार्वजनिक मंचों से खुद को किरोड़ी लाल का 'फैन' बता चुके हैं।

File PIC
  • महाराणा सांगा से तुलना: पिछले साल जयपुर के एक कार्यक्रम में बाबा रामदेव ने कहा था, "किरोड़ी लाल मीणा महाराणा सांगा की तरह अपराजित योद्धा हैं, जो हमेशा लड़ते रहते हैं।"
  • हिण्डौन सिटी की यादें: रामदेव ने याद दिलाया था कि उनके और किरोड़ी के संबंध 33 साल पुराने हैं, जब वे पहली बार हिण्डौन सिटी आए थे।
  • अनाड़ीपन का वो अंदाज़: चुटकी लेते हुए बाबा ने तब कहा था कि कभी-कभी किरोड़ी मेरी तरह 'अनाड़ीपन' से लड़ लेते हैं, हालांकि अब मैं (रामदेव) थोड़ा कम लड़ता हूँ।

राजस्थान की राजनीति और 'बाबा' का रसूख

डॉ. किरोड़ी लाल मीणा राजस्थान में केवल एक मंत्री नहीं, बल्कि एक जननायक की छवि रखते हैं। पेपर लीक मामला हो या भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन, वे हमेशा फ्रंटलाइन पर रहे हैं। हरिद्वार दौरे के दौरान उनकी यह मुलाकात इस ओर इशारा करती है कि वे आध्यात्मिक और वैचारिक रूप से अपनी जड़ों को और मजबूत कर रहे हैं।

Published on:
25 Apr 2026 01:06 pm