
Rajasthan Politics: ,जयपुर. राजस्थान के तीन बड़े नगर निगमों—जयपुर, जोधपुर और कोटा में शुक्रवार को महापौर चुनाव के नतीजे घोषित हो गए। तीनों जगह भाजपा प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। जयपुर में सुनील कोठारी, कोटा में अनुसुईया गोस्वामी और जोधपुर में प्रसन्नचंद मेहता महापौर निर्वाचित हुए। जयपुर में कोठारी को 89 और कांग्रेस की सुनीता मावर को 60 वोट मिले, जबकि एक वोट नोटा में गया। कोटा में अनुसुईया गोस्वामी को 65 और कांग्रेस की सुनीता सुमन को 35 वोट मिले। जोधपुर में भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता को 53 और कांग्रेस के राजेंद्र सोलंकी को 47 वोट मिले। इन नतीजों के साथ प्रदेश के 10 नगर निगमों में से 9 में भाजपा के महापौर हो गए हैं, जबकि केवल बीकानेर में कांग्रेस का महापौर बना है।
जयपुर नगर निगम में भाजपा के सुनील कोठारी ने कांग्रेस की सुनीता मावर को हराकर महापौर पद पर कब्जा किया। कोठारी को 89 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 60 वोट मिले। एक वोट नोटा के खाते में गया। भाजपा के पास पहले से 78 पार्षदों का समर्थन था, जबकि जीत के लिए 76 वोट जरूरी थे। इसके बावजूद कोठारी को 89 वोट मिले। यानी उन्हें पार्टी के निर्धारित संख्याबल से अतिरिक्त समर्थन मिला। कोठारी वार्ड 112 से पार्षद चुने गए हैं। इससे पहले वे भाजपा जयपुर शहर अध्यक्ष, प्रदेश सचिव और प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे संगठनात्मक पदों पर रह चुके हैं।
कोटा नगर निगम में भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी महापौर निर्वाचित हुईं। चुनाव में उन्हें 65 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता सुमन को 35 वोट मिले। कोटा के 100 सदस्यीय बोर्ड में बहुमत के लिए 51 वोट जरूरी थे। भाजपा के पास 57 पार्षद थे और दो निर्दलीय पार्षद पहले ही भाजपा को समर्थन दे चुके थे। इस तरह भाजपा के घोषित समर्थन से अधिक वोट अनुसुईया गोस्वामी को मिले। कांग्रेस के 39 पार्षद होने के बावजूद उसकी प्रत्याशी को 35 वोट ही मिले। नतीजे के बाद कांग्रेस खेमे में क्रॉस वोटिंग की चर्चा हुई।
जोधपुर नगर निगम में भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता ने कांग्रेस के राजेंद्र सोलंकी को हराकर महापौर पद हासिल किया। मेहता को 53 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 47 वोट मिले। 100 सदस्यीय निगम में बहुमत के लिए 51 वोट जरूरी थे। चुनाव से पहले भाजपा के पास 45 और कांग्रेस के पास 44 पार्षद बताए गए थे। इसके अलावा 10 निर्दलीय और एक आरएलपी पार्षद था। भाजपा को कुछ निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिला।
इससे पहले अजमेर, उदयपुर, अलवर और पाली में भाजपा के महापौर चुने जा चुके हैं, जबकि बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला महापौर बने। भरतपुर व भीलवाडा में भाजपा के निर्विरोध महापौर चुने गए। इस तरह जयपुर, जोधपुर और कोटा के नतीजों के बाद 10 में से 9 नगर निगम भाजपा के पास और एक निगम कांग्रेस के पास है।