Rajasthan News : एयरपोर्ट थाना पुलिस ने बी-टू बायपास के पास पुलिया के नीचे से 9 माह के अशोक का अपहरण करने वाले दम्पती को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा है।
जयपुर. जयपुर के एयरपोर्ट थाना पुलिस ने बी-टू बायपास के पास पुलिया के नीचे से 9 माह के अशोक का अपहरण करने वाले दम्पती को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा है। एसीपी आदित्य पूनिया ने बताया कि शिवदासपुरा के मुंडली निवासी गिरफ्तार आरोपी रमेश कुमार पिनारा (50) और उसकी पत्नी पायल (35) से पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने अच्छी तरह से रैकी करके बच्चे का अपहरण किया था। तीन दिन तक मजदूर बनकर बच्चे के परिजन के पास गए। पता चला कि अशोक के दो बड़े भाई हैं और उसकी मां गर्भवती है। अशोक की उम्र भी काफी कम है और उसका अपहरण करेंगे तो वह आरोपी दम्पती को मां-बाप ही समझेगा। अशोक के मां-बाप गरीब और मजदूर होने पर वापस मध्यप्रदेश चले जाएंगे और मजदूर का बेटा होने पर पुलिस भी ध्यान नहीं देगी। दौसा में तीन-चार दिन ठहरने के बाद छह माह के लिए दिल्ली जाकर बसने की उनकी योजना थी, इसकी तैयारी भी कर रखी थी।
आरोपी दम्पती बच्चे को किस मार्ग से दौसा ले गए और कहां पर रखा। इसकी मौका तस्दीक की जा रही है। आरोपी दम्पती के पास गांव में करीब पांच बीघा जमीन है और रमेश ने आरा मशीन लगाकर फर्नीचर बनाने का कारखाना खोल रखा है।
बी-टू बायपास के पास से 27 मई को बच्चे के अपहरण के बाद डीसीपी ईस्ट की जिला विशेष टीम के सदस्यों ने आस-पास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। घटना से तीन दिन पहले आरोपी दम्पती के आने के समय की फुटेज खंगाली। फुटेज में दम्पती का क्षेत्र में आने का सटीक समय बताया। इसके बाद तकनीकी टीम ने उस समय क्षेत्र में उपयोग लिए गए 3 लाख मोबाइल कॉल का विश्लेषण किया और आरोपी दम्पती की पहचान की।
पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ व एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाश बिश्नाई गुरुवार रात को चौमूं थाने में जनसुनवाई पूरी होने के बाद जवाहर सर्कल थाने पहुंचे और आरोपी दम्पती का सुराग लगाकर बच्चे को सकुशल मुक्त करवाने वाली पूरी टीम के साथ फोटो खींचवाई।