
जयपुर। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत-निकाय चुनाव की तैयारियों को तेज कर दिया है। आयोग ने गृह क्षेत्र में कार्यरत तथा एक ही जगह तीन साल से अधिक समय से लगे अधिकारियों को 28 फरवरी तक हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद तबादलों पर रोक लग जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को इस बारे में आदेश जारी किया। इसमें कहा कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद प्रक्रिया पूरी होने तक तबादले नहीं हो सकेंगे।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद संभागीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलक्टर, पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार से लेकर अतिरिक्त जिला कलक्टर तक, पुलिस के वृत्ताधिकारी से लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तक तथा जयपुर व जोधपुर में सहायक पुलिस आयुक्त से लेकर आयुक्त तक को गृह जिले से हटा दिया जाए।
इसी तरह नगर निगम व नगर पालिका कर्मियों, पुलिस, नायब तहसीलदार व पुलिस उपनिरीक्षक को उनके स्वयं के गृह निकाय क्षेत्र तथा बीडीओ, थानेदार, नायब तहसीलदार व पुलिस उपनिरीक्षक को उनके स्वयं के पंचायत समिति क्षेत्र से हटाए जाएंगे। तीन साल से एक ही जगह कार्यरत अधिकारियों को भी हटाने को कहा गया है। इसकी पालना में 28 फरवरी तक आदेश जारी करने को कहा गया है। यह आदेश 30 अप्रेल तक प्रभावी रहेगा।
आयोग ने एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारियों का मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन तक बिना अनुमति तबादला करने पर पाबंदी लगा दी है।
केन्द्रीय निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत 14 फरवरी को मतदाता सूचियों के अंतिम प्रकाशन तब इस कार्य में लगे अधिकारियों व कर्मचारियों के बिना अनुमति तबादला करने पर पहले से ही रोक लगा रखी है। ऐसे में निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादले 14 से 28 फरवरी के बीच ही हो सकेंगे।