जयपुर

राजस्थान में NEET पेपर लीक पर सियासत गरमाई, कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री से मांगा इस्तीफा; BJP ने किया तीखा पलटवार

NEET paper leak 2026: नीट पेपरलीक पर राजस्थान में सियासत गरमाई हुई है। केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार पर कांग्रेस लगातार हमला बोल रही है। कांग्रेस नेताओं ने अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की।
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May 16, 2026
Govind Singh Dotasra, Dharmendra Pradhan, Madan Rathore
गोविंद सिंह डोटासरा, धर्मेंद्र प्रधान, मदन राठौड़। पत्रिका फाइल फोटो

Rajasthan Politics: जयपुर। नीट पेपरलीक पर राजस्थान में सियासत गरमाई हुई है। केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार पर कांग्रेस लगातार हमला बोल रही है। कांग्रेस नेताओं ने अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। जिस पर बीजेपी ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकाल के पेपरलीक भूल गई। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में हुए पेपरलीक मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

दोनों नेताओं ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी। डोटासरा ने कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में अब तक 79 परीक्षाओं के पेपरलीक हो चुके है। उन्होंने मांग की कि जिस कोचिंग संस्थान तक गेस पेपर पहुंचा, उसकी भी जांच होनी चाहिए।

डोटासरा ने मंत्री किरोड़ी लाल मीना पर साधा निशाना

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीना पर निशाना साधते हुए पूछा कि वे चुप क्यों है। उन्होंने शिक्षा मंत्री पर आरोपी दिनेश बिंवाल के घर जाने के आरोप लगाए। उन्होंने एनटीए को आरएसएस और भाजपा से संचालित संस्था बताते हुए कहा कि पेपरलीक भाजपा सरकार का प्रमुख धंधा बन गया है।

छात्रों से माफी मांगे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान: जूली

वहीं, टीकाराम जूली ने कहा कि नीट पेपरलीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा देकर छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो सरकार पहले पेपर माफिया के मगरमच्छ पकड़ने की बात करती थी, अब उन बड़े मगरमच्छों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। वहीं, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि वर्ष 2024, 2025 और 2026 में किसी न किसी रूप में पेपरलीक हुआ है। तीनों वर्षों के पेपरलीक मामलों की सीबीआइ जांच कराई जाए और एनटीए को भंग किया जाए।

कांग्रेस अपने कार्यकाल के पेपरलीक भूल गईः राठौड़

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकाल के पेपरलीक मामलों को भूल गई है। कांग्रेस शासन में 17 से अधिक पेपरलीक हुए, लेकिन निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई नहीं हुई। रीट-2021 में पेपरलीक स्वीकारने के बावजूद केवल एक लेवल की परीक्षा रद्द की गई, जबकि दूसरे लेवल की नियुक्तियां दे दी गई। उन्होंने कहा कि सीएम भजनलाल शर्मा के कार्यकाल में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ।

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