जयपुर

Rajasthan : 8-10 जून तक आकाश में दिखेगा दुर्लभ खगोलीय नजारा, कल शुक्र-बृहस्पति आएंगे बेहद करीब

Celestial Union : नेशनल अवार्ड प्राप्त खगोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि शुक्र-बृहस्पति दोनों ग्रह 8 जून को सबसे ज्यादा नजदीक होंगे। इस दुर्लभ युति से राजस्थान सहित पूरे देश में मनमोहक नजारा बनेगा।

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Rajasthan rare celestial sight seen sky 8 to 10 June Tomorrow Venus Jupiter very close
पाली. इवनिंग स्टार वीनस और सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह जुपिटर के होने वाले संगम को चार्ट पर प्रदर्शित करती सारिक धारू। फोटो पत्रिका

Celestial Union : आठ से दस जून तक शाम को पश्चिम आकाश में दुर्लभ खगोलीय नजारा दिखेगा। सौरमंडल के दो सबसे चमकदार ग्रह शुक्र और बृहस्पति आकाश में एक-दूसरे के बेहद करीब आएंगे। इस घटना को खगोलविज्ञान में कंजक्शन कहा जाता है। इस संबंध में नेशनल अवार्ड प्राप्त खगोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि दोनों ग्रह 8 जून को पास आना शुरू होंगे और मंगलवार को सबसे ज्यादा नजदीक होंगे। घारू ने बताया कि ब्रह्मांड में ये ग्रह एक-दूसरे से करोड़ों किलोमीटर दूर है। लेकिन, पृथ्वी से देखने पर इनका लाइन-ऑफ-साइट संरेखण ऐसा होगा कि ये लगभग आपस में मिलते दिखाई देंगे।

मंगलवार शाम दोनों ग्रहों के बीच की कोणीय दूरी या एंगुलर डिस्टेंस घटकर मात्र 1.5 से 1.6 डिग्री रह जाएगी। इसे समझने का आसान तरीका यह है कि यदि आप अपने हाथ को सीधा फैलाकर आसमान की तरफ छोटी उंगली उठाएंगे, तो दोनों ग्रह उस एक छोटी उंगली की चौड़ाई के पीछे छिप सकेंगे।

देखने के लिए टेलीस्कोप की जरूरत नहीं

इस नजारे को देखने के लिए टेलीस्कोप की जरूरत नहीं है। इसे सूर्यास्त के ठीक बाद पश्चिम आकाश की ओर देखें। इस दौरान इवनिंग स्टार शुक्र ग्रह सबसे तेज सफेद रोशनी के साथ चमकेगा, जबकि बृहस्पति अपनी पीली-सफेद आभा बिखेरता नजर आएगा।

इस खगोलीय घटना के बाद 11 से 15 जून की अवधि में में बुध ग्रह भी इस कतार में शामिल हो जाएगा, इससे पश्चिम के आसमान में एक सुंदर प्लैनेट परेड दिखाई देगा। इसके बाद 16 और 17 जून को हंसियाकार चंद्रमा भी इनके करीब आकर इस दृश्य की खूबसूरती में चार चांद लगाएगा।

शुक्र और बृहस्पति के बारे में जानें

शुक्र : सूर्य से दूसरा ग्रह। पृथ्वी के आकार का सबसे निकटतम ग्रह। यह सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह है। इसका तापमान (462°C) है। इस पर घना CO₂ वातावरण और सल्फ्यूरिक एसिड के बादल हैं। सूर्योदय से पहले या बाद सबसे चमकदार दिखता है। शुक्र ग्रह पश्चिम से पूर्व की ओर घूमता है।

बृहस्पति : सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह, गैस जायंट। 79+ चंद्रमा, सबसे बड़ा गैनीमीड। इस ग्रह पर एक विशाल एंटीसाइक्लोनिक तूफान है, जो 400 वर्षों से चल रहा है। इस पर शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र है। इसमें अमोनिया, फॉस्फोरस और सल्फर यौगिक होते हैं। जिस वजह से यह लाल रंग का दिखता है। पृथ्वी से भी बड़ा है (लगभग 16,000 किमी लंबा)। दोनों ही ग्रह ज्योतिष में महत्वपूर्ण हैं, शुक्र सुख-समृद्धि और बृहस्पति ज्ञान-धन के कारक माने जाते हैं।

Published on:
08 Jun 2026 08:55 am