
Rajasthan Rajya Sabha Member : राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों पर हुए निर्वाचन के बाद भी उच्च सदन में भाजपा और कांग्रेस के बीच संख्या बल का संतुलन बरकरार रहा है। राज्यसभा में दोनों दलों के पास अब पांच-पांच सदस्य हैं। चुनाव से पहले भी राजस्थान के कोटे की 10 सीटों में भाजपा और कांग्रेस के पास समान रूप से पांच-पांच सदस्य थे और नए निर्वाचन के बाद भी यही स्थिति बनी हुई है। 21 जून को भाजपा के राजेन्द्र गहलोत और रवनीत सिंह बिट्टू तथा कांग्रेस के नीरज डांगी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। भाजपा ने इन सीटों पर डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अलका गुर्जर को राज्यसभा भेजा है, जबकि कांग्रेस ने नीरज डांगी पर दोबारा भरोसा जताते हुए उन्हें पुनः निर्वाचित कराया है।
भाजपा की विशेषता यह है कि उसके सभी पांचों राज्यसभा सदस्य राजस्थान के निवासी है। दूसरी ओर कांग्रेस के पांच सदस्यों में केवल नीरज डांगी ही राजस्थान से है। कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी नई दिल्ली, मुकुल बालकृष्ण वासनिक महाराष्ट्र, रणदीप सिंह सुरजेवाला हरियाणा तथा प्रमोद तिवारी उत्तर प्रदेश के मूल निवासी है।
प्रमोद तिवारी - 5 जुलाई 2022 से 4 जुलाई 2028
रणदीप सुरजेवाला - 5 जुलाई 2022 से 4 जुलाई 2028
मुकुल वासनिक - 5 जुलाई 2022 से 4 जुलाई 2028
सोनिया गांधी - 4 अप्रेल 2024 से 3 अप्रैल 2030
नीरज डांगी - 22 जून 2026 से 21 जून 2032।
घनश्याम तिवाड़ी- 5 जुलाई 2022 से 4 जुलाई 2028
मदन राठौड़- 4 अप्रेल 2024 से 3 अप्रैल 2030
चुन्नीलाल गरासिया- 4 अप्रेल 2024 से 3 अप्रेल 2030
सतीश पूनिया- 22 जून 2026 से 21 जून 2032
अलका गुर्जर- 22 जून 2026 से 21 जून 2032
राज्यसभा में 4 जुलाई, 2028 में 4 सीटें रिक्त होंगी। रिक्त होने वाली सीटों में कांग्रेस के तीन सदस्य प्रमोद तिवारी, मुकुल वासनिक और रणदीप सुरजेवाला जबकि भाजपा से घनश्याम तिवाड़ी का कार्यकाल खत्म होगा। विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से 2 सीटों पर भाजपा और एक सीट पर कांग्रेस की जीत तय है, जबकि एक सीट पर जोड़तोड़ की गणित चलेगी। इस तरह भाजपा के खाते में ज्यादा सीटें होंगी।
पाटी एकजुट होकर 2028 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी और राजस्थान में सरकार बनाएगी। राजनीतिक टूट-फूट लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक है।
नीरज डांगी, नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद
कांग्रेस कश्मीर से कन्याकुमारी तक अप्रासंगिक हो चुकी है। राजस्थान में पार्टी के भीतर खींचतान मची हुई है। अशोक गहलोत पार्टी को संभालने में विफल रहे।
सतीश पूनिया, नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद