
जीत का प्रमाण पत्र लेतीं अलका गुर्जर और सतीश पूनिया। फोटो- पत्रिका
जयपुर। राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया बिना किसी मुकाबले के संपन्न हो गई। भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सतीश पूनिया और अलका गुर्जर तथा कांग्रेस प्रत्याशी नीरज डांगी निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित घोषित किए गए हैं। तीन सीटों के लिए केवल तीन ही नामांकन मैदान में रहने के कारण मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। गुरुवार को रिटर्निंग अधिकारी भारत भूषण शर्मा ने सभी उम्मीदवारों को निर्वाचित घोषित करते हुए जीत का प्रमाण पत्र सौंप दिया।
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राज्यसभा चुनाव को लेकर इस बार राजनीतिक दलों के बीच किसी प्रकार का चुनावी संघर्ष देखने को नहीं मिला। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और जांच के बाद सभी नामांकन पत्र वैध पाए गए। चूंकि किसी अन्य उम्मीदवार ने चुनाव मैदान में दावेदारी पेश नहीं की, इसलिए निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत तीनों उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन सुनिश्चित हो गया। राजस्थान भाजपा ने अपने हिस्से की दो सीटों के लिए पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सतीश पूनिया और पार्टी की सक्रिय सदस्य अलका सिंह गुर्जर को उम्मीदवार बनाया था। दोनों नेताओं ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया था।
पार्टी नेतृत्व के इस निर्णय को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर सतीश पूनिया लंबे समय से संगठन और राजनीति में सक्रिय रहे हैं, वहीं अलका गुर्जर को सामाजिक प्रतिनिधित्व और महिला नेतृत्व के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण चेहरा माना जा रहा है। दूसरी ओर कांग्रेस ने अपने वर्तमान राज्यसभा सांसद नीरज डांगी पर एक बार फिर भरोसा जताया। डांगी ने 5 जून को नामांकन दाखिल किया था। पार्टी ने उनके अनुभव और संसदीय कार्यों को देखते हुए उन्हें लगातार दूसरी बार राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया था।
वहीं दूसरी तरफ मीडिया से बातचीत में सतीश पूनिया ने कहा कि मैंने राष्ट्रवाद की विचारधारा के साथ राजनीति की शुरुआत की थी। इसके बाद पार्टी की युवा शाखा के अध्यक्ष पद तक की जिम्मेदारी के साथ और बाद में संगठन की अनेक जिम्मेदारियों को निभाते हुए लंबा अनुभव हासिल किया। मुझे 2 बार विधायक के रूप में और एक बार उपनेता प्रतिपक्ष के रूप में काम करने का अवसर मिला। आज मुझे भाजपा ने उच्च सदन के सदस्य के नाते एक जिम्मेदारी दी है। मैं यह मानता हूं कि भारत की राजनीति में शरीक होना और जिम्मेदारी लेने बड़ी बात है। मैं इस जिम्मेदारी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित सभी का आभार व्यक्त करता हूं।
अब 18 जून को प्रस्तावित मतदान नहीं होगा, क्योंकि निर्वाचन प्रक्रिया निर्विरोध निर्वाचन के साथ ही पूरी हो चुकी है। तीनों नवनिर्वाचित सदस्य जल्द ही राज्यसभा में अपना कार्यकाल शुरू करेंगे। राजस्थान में यह चुनाव उन सीटों के लिए कराया गया था, जिनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। इनमें केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, भाजपा सांसद राजेंद्र सिंह गहलोत और कांग्रेस सांसद नीरज डांगी की सीटें शामिल हैं।
बता दें कि टोंक जिले के मालपुरा में 21 फरवरी 1961 को जन्मीं अलका गुर्जर ने एमए, एलएलएम और पीएचडी जैसी उच्च शैक्षणिक योग्यताएं हासिल की हैं। वहीं चूरू जिले की सादुलपुर तहसील में 20 सितम्बर 1964 को जन्मे सतीश पूनिया छात्र राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति तक अपनी पहचान बना चुके हैं।
उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से भूगोल विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है और लंबे समय तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे हैं। कांग्रेस नेता नीरज डांगी का संबंध भी एक राजनीतिक परिवार से है। 4 नवंबर 1970 को जयपुर में जन्मे डांगी के पिता स्वर्गीय दिनेश राय डांगी राजस्थान सरकार में राज्य मंत्री रह चुके थे। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय नीरज डांगी अब दूसरी बार राज्यसभा में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे।
Updated on:
11 Jun 2026 05:01 pm
Published on:
11 Jun 2026 04:14 pm
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