एक जून कई बदलाव होने जा रहे है। इन नियमों के बदलने से आपकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
New Rule: एक जून कई बदलाव होने जा रहे है। इन नियमों के बदलने से आपकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा। ये बदलाव इलेक्ट्रिक वाहन, रसोई गैस, बैंक खाते समेत कई बड़े बदलाव होंगे। अगर आप जून के महीने में इलेक्ट्रिक स्कूटर लेने की सोच रहे हैं तो यह आपके लिए एक घाटे का सौदा हो सकता है। दरअसल, सरकार ने बीते दिनों इलेक्ट्रिक स्कूटर पर मिलने वाली सब्सिडी को घटा दिया है इस वजह से इलेक्ट्रिक स्कूटर महंगे मिलेंगे। आइए, जानते है कैसे घटेगा या बढ़ेगा जेब का बोझ।
35,000 महंगे हो जाएंगे इलेक्ट्रिक टू व्हीलर
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन एक जून से महंगे होने जा रहे हैं। उद्योग मंत्रालय ने सब्सिडी राशि को संशोधित कर 10,000 रुपए प्रति केडब्ल्यूएच कर दिया है, जबकि पहले यह राशि 15,000 रुपए प्रति केडब्ल्यूएच थी। इसके चलते अधिकांश इलेक्ट्रिक वाहन लगभग 25,000 रुपए से 35,000 रुपए तक महंगे हो सकते हैं।
घट सकती है रसोई गैस की कीमतें
सीएनजी और पीएनजी की तरह हर महीने की शुरुआत में गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बदलाव होता है। अप्रेल में एलपीजी के कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम कम हुए थे। कंपनियों ने 92 रुपए तक के दाम एलपीजी सिलेंडर पर कम किए थे। मई में भी एलपीजी के 19 किलो सिलेंडर की कीमत में भारी कटौती की गई थी। हालांकि 14 किलो गैस सिलेंडर के प्राइस में कोई बदलाव नहीं हुआ था। ऐसे में माना जा रहा है कि, इस महीने रसोई गैस की कीमतें घट सकती हैं।
सेविंग और करंट अकाउंट में बड़ा बदलव
एक जून से सेविंग और करंट अकाउंट में बड़ा बदलाव होने वाला है। यह बदलाव अनक्लेम्ड डिपॉजिट को लेकर होगा। इसे लेकर आरबीआई ने 100 दिन 100 कैंपेन शुरू किया है। बैंकों को इस समय सीमा में बिना दावे वाली राशियों को सेटल करना होगा। ऐसे सेविंग और करंट अकाउंट जो 10 वर्षों से ऑपरेट नहीं किए गए हैं और उनमें रकम बची हुई है या मैच्योरिटी की तारीख से 10 साल के भीतर किसी ने दावा नहीं किया तो उसे अनक्लेम्ड डिपॉजिट के रूप में माना जाएगा। इन खातों को 1 जून से इसे बैंकों को सेटल किया जाएगा।
32 नए जिलों में गोल्ड हॉल मार्किंग अनिवार्य
जून से सोने की हॉलमार्किंग से जुड़े नए नियम लागू होने वाले हैं। देश के 256 जिलों और अन्य नए 32 जिलों में 31 मई से सोने के आभूषण और आर्टिफैक्ट की हॉलमार्किंग अनिवार्य होगी। यह आदेश पिछले साल ही जारी किया गया था। लेकिन एक बार फिर सरकार की तरफ से चेतावनी दी गई है।