
Food Security Scheme : खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में वर्तमान राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रदेश के एक करोड़ से अधिक वंचित एवं पात्र व्यक्तियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा से जोड़कर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने कहा कि यह संख्या राज्य के कुल 4.37 करोड़ खाद्य सुरक्षा लाभार्थियों का लगभग 23 प्रतिशत है, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़ने के बाद इन परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का संबल मिला है।
मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि प्रदेश में 1 जनवरी 2024 से 31 अगस्त 2024 तक 12 लाख 95 हजार 664 नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया। इसके बाद 26 जनवरी 2025 को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुनः प्रारंभ किए जाने के पश्चात 89 लाख 431 नए व्यक्तियों को एनएफएसए में शामिल किया गया।
मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि एनएफएसए के तहत लाभार्थियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध होने के साथ-साथ राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ मिल रहा है। इनमें मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत 450 रुपए में गैस सिलेंडर, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत परिवार को 10 लाख रुपये तक का निःशुल्क दुर्घटना बीमा तथा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत 25 लाख रुपए तक का निःशुल्क उपचार शामिल है।
मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मानसून को देखते हुए लाभार्थियों को तीन माह का निःशुल्क राशन एक साथ उपलब्ध कराया जा रहा है।
मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि नवंबर 2024 में प्रारंभ किए गए गिव अप अभियान के तहत लगभग 67 लाख लोगों ने स्वेच्छा से खाना सुरक्षा का लाभ छोड़ा, जबकि करीब 27 लाख लोगों के ई-केवाईसी नहीं कराने के कारण उनके नाम सूची से हटा दिए गए। इससे रिक्त हुए स्थानों पर पात्र परिवारों को जोड़ा जा सका।
गोदारा ने बताया कि इस अभिनव पहल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राजस्थान सरकार की बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में सराहा गया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि प्रदेश का कोई भी पात्र और जरूरतमंद परिवार खाद्य सुरक्षा के लाभ से वंचित न रहे।