साढ़े सात साल की थी तेजिका, 2015 में जूनागढ़ से लाया गया था गुलाबी नगरी
जयपुर। नारहरगढ़ बॉयलॉजीकल पार्क में अब तेजिका (शेरनी) की दहाड़ नहीं सुनाई देगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मानें तो हार्ट अटैक से मौत मानी गई है। कुछ माह पहले ही तेजिका ने तारा-त्रिपुर और तेजस को जन्म दिया था।
तेजिका के तीनों शावक पूरी तरह से स्वस्थ है। सुबह वह अपने कक्ष में मृत पाई गई थी। चिकित्सकों की मानें तो शाम को वह अन्य दिनों की तरह सामान्य थी। मेडीकल बोर्ड में डॉ. अरविंद माथुर, डॉ. नरेश सक्सेना और डॉ. अशोक तंवर ने पोस्टमार्टम किया।
चिकित्सकों की मानें तो दिल के दौरे से इसकी मौत हुई है। मृत शेरनी के अंगों को आईवीआरआई बरेली और एफएसएल जयपुर को परीक्षण के लिए भिजवा दिया गया है। शेरनी की मौत को गंभीरता से लेते हुए प्राणी उद्यान में अलर्ट घोषित कर दिया गया था। इसके बाद कई अन्य वन्य जीवों का भी परीक्षण किया गया। प्राणी उद्यान में शेष सभी प्राणी सुरक्षित हैं।
दो साल पहले आई थी जूनागढ़
एसीएफ जगदीश गुप्ता ने बताया कि दो साल पहले इसे जूनागढ़, गुजरात से लाया गया था। बीती रात अन्य दिनों की आहार लिया। सुबह इसके मृत होने की जानकारी मिली। मेडिकल बोर्ड ने तेजिका का पोस्टमार्टम किया।
मई में दिया था पांच शवकों को जन्म
तेजिका को जयपुर जू में सिद्धार्थ नाम के शेर के साथ रखा गया था। मई, 2017 में इसने पांच शावकों को जन्म दिया था। इनमें से दो शावकों की मौत हो गई थी। त्रिपुर, तेजस और तारा तीनों शावक स्वस्थ हैं। 21 साल बाद जयपुर जू में शावक पैदा हुए थे।