Indian Heritage: दिल्ली के मंच पर उतरा रंग-बिरंगा राजस्थान, पर्यटक मॉडल और लोककला ने मोहा मन, हस्तशिल्प, लोकनृत्य और कठपुतली शो से सजी राजस्थान की जीवंत झलक।
Rajasthan Pavilion: जयपुर. नई दिल्ली में आयोजित 44 वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में राजस्थान मंडप दर्शकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मंडप में प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों के भव्य मॉडल, पारंपरिक हस्तशिल्प और लोककलाओं ने आगंतुकों का मन मोह लिया। हाड़ौती, मेवाड़ और मेरवाड़ा अंचलों को विशेष थीम के साथ प्रस्तुत किया गया, जहां लोग बड़ी संख्या में पहुंचकर न केवल जानकारी ले रहे हैं बल्कि यादगार तस्वीरें भी खींच रहे हैं।
राजस्थान की लोकसंस्कृति की जीवंत झलक ने मेले को और भी खास बना दिया। कठपुतली शो और पारंपरिक लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों से लेकर विदेशी पर्यटकों तक, सभी ने इन प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया। सीकर से आए प्रसिद्ध कठपुतली कलाकार अशोक भट्ट ने बताया कि यह मंच कलाकारों के लिए अपनी परंपरा को जीवित रखने का सशक्त माध्यम है और लोगों की सराहना उन्हें नई ऊर्जा देती है।
इस दौरान रोमानिया के प्रतिनिधिमंडल ने भी राजस्थान मंडप का दौरा कर स्टॉलों पर प्रदर्शित उत्पादों की खुले दिल से प्रशंसा की और स्थानीय कारीगरों से संवाद किया। यह मंडप न केवल राजस्थान की पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित कर रहा है, बल्कि उसकी सांस्कृतिक विरासत को भी नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है।