जैसलमेर

ड्रोन, ड्रग्स और डेजर्ट: भारत-पाक सीमा पर नशे के खिलाफ हाईटेक निगरानी, पूरी तरह बदला सुरक्षा का समीकरण

भारत-पाक सीमा पर ड्रोन के जरिए बढ़ती ड्रग्स तस्करी ने सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती बढ़ा दी है। जैसलमेर समेत 1070 किमी लंबी सीमा पर अब एंटी-ड्रोन सिस्टम, हाईटेक निगरानी और खुफिया समन्वय को मजबूत किया गया है। UNODC की रिपोर्ट भी वैश्विक स्तर पर बढ़ते नशे के कारोबार की चेतावनी देती है।
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Updated: 26 Jun 2026, 10:01 AM IST
India-Pak Border High-Tech Surveillance
India-Pak Border High-Tech Surveillance (Patrika Network Photo)

जैसलमेर: पाकिस्तान से सटा जैसलमेर देश के महत्वपूर्ण सीमावर्ती जिलों में शामिल है। जहां नशे के खिलाफ लड़ाई केवल तस्करों के विरुद्ध अभियान तकनीक, खुफिया समन्वय और सामाजिक जागरूकता की संयुक्त परीक्षा बन चुका है। पाकिस्तान से लगती 1070 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए संवेदनशील क्षेत्र रही है। पारंपरिक रास्तों और मानव नेटवर्क की जगह अब ड्रोन, जीपीएस लोकेशन और एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का उपयोग बढ़ा है।

हकीकतः ड्रोन ने बदली तस्करी की तस्वीर

मार्च 2025 में लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जानकारी दी कि वर्ष 2024 के दौरान पंजाब सीमा पर बीएसएफ ने 294 ड्रोन जब्त किए। चुनौतियों से निपटने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं। साथ ही बीएसएफ, भारतीय वायुसेना, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत किया गया है। सीमा क्षेत्रों में निगरानी चौकियों, तकनीकी उपकरणों और खुफिया सूचना तंत्र को भी सशक्त बनाया गया है।

वैश्विक संकट का स्थानीय असर

संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) की विश्व ड्रग रिपोर्ट 2025 के अनुसार, वर्ष 2023 में दुनिया भर में लगभग 31.6 करोड़ लोगों ने किसी न किसी अवैध नशीले पदार्थ का सेवन किया। इनमें करीब 24.4 करोड़ कैनाबिस और 6.1 करोड़ ओपिऑयड उपयोगकर्ता शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार लगातार विस्तार कर रहा है।

ये रही फैक्ट फाइल

  • राजस्थान-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा: लगभग 1070 किमी
  • 2024 में पंजाब सीमा पर जब्त ड्रोन: 294
  • 2025 में पंजाब सीमा पर जब्त ड्रोन: 272
  • 2025 में पंजाब सीमा पर बरामद हेरोइन: 367.8 किलोग्राम
  • 2025 में पंजाब सीमा पर बरामद आइसीइ ड्रग: 19 किलोग्राम
  • वैश्विक ड्रग उपभोक्ता: 31.6 करोड़
  • कैनाबिस उपयोगकर्ता: 24.4 करोड़
  • ओपियोड उपयोगकर्ता: 6.1 करोड़

इस वर्ष कई कार्रवाई नशे के खिलाफ हुई है। सीमांत जिले में नशे के खिलाफ जीरो टोलरेंस नीति है। युवा नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं। नशे के कारोबार और गतिविधियों के संबंध में कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
-अभिषेक शिवहरे, पुलिस अधीक्षक, जैसलमेर

Updated on:
26 Jun 2026, 10:01 AM IST
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