
जैसलमेर: पाकिस्तान से सटा जैसलमेर देश के महत्वपूर्ण सीमावर्ती जिलों में शामिल है। जहां नशे के खिलाफ लड़ाई केवल तस्करों के विरुद्ध अभियान तकनीक, खुफिया समन्वय और सामाजिक जागरूकता की संयुक्त परीक्षा बन चुका है। पाकिस्तान से लगती 1070 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए संवेदनशील क्षेत्र रही है। पारंपरिक रास्तों और मानव नेटवर्क की जगह अब ड्रोन, जीपीएस लोकेशन और एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का उपयोग बढ़ा है।
मार्च 2025 में लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जानकारी दी कि वर्ष 2024 के दौरान पंजाब सीमा पर बीएसएफ ने 294 ड्रोन जब्त किए। चुनौतियों से निपटने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं। साथ ही बीएसएफ, भारतीय वायुसेना, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत किया गया है। सीमा क्षेत्रों में निगरानी चौकियों, तकनीकी उपकरणों और खुफिया सूचना तंत्र को भी सशक्त बनाया गया है।
संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) की विश्व ड्रग रिपोर्ट 2025 के अनुसार, वर्ष 2023 में दुनिया भर में लगभग 31.6 करोड़ लोगों ने किसी न किसी अवैध नशीले पदार्थ का सेवन किया। इनमें करीब 24.4 करोड़ कैनाबिस और 6.1 करोड़ ओपिऑयड उपयोगकर्ता शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार लगातार विस्तार कर रहा है।
इस वर्ष कई कार्रवाई नशे के खिलाफ हुई है। सीमांत जिले में नशे के खिलाफ जीरो टोलरेंस नीति है। युवा नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं। नशे के कारोबार और गतिविधियों के संबंध में कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
-अभिषेक शिवहरे, पुलिस अधीक्षक, जैसलमेर