राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को जैसलमेर पहुंचीं, जहां वे ‘वायु शक्ति-2026’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित इस युद्धाभ्यास के दौरान वे कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भी भरेंगी।
जैसलमेर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को जैसलमेर पहुंचीं। एयरपोर्ट पर राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनकी अगवानी की। यहां से राष्ट्रपति का काफिला वायुसेना स्टेशन से आर्मी कैंट के लिए रवाना हुआ, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगी। वे शुक्रवार को शाम 5 बजे पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित ‘वायु शक्ति-2026’ के मुख्य कार्यक्रम में भाग लेंगी। कार्यक्रम में राष्ट्रपति के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े भी मौजूद रहेंगे।
गौरतलब है कि सरहदी जिले की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े युद्धाभ्यास ‘वायु शक्ति-2026’ का आयोजन शुक्रवार को होगा। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। राष्ट्रपति मुर्मू कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भरेंगी और युद्धाभ्यास क्षेत्र का हवाई मुआयना करेंगी। यह पहला अवसर होगा जब कोई राष्ट्रपति जैसलमेर की सीमावर्ती एयरस्पेस में किसी लड़ाकू हेलीकॉप्टर में सह-पायलट के रूप में उड़ान भरेगी।
वे वायुसेना स्टेशन पहुंचकर अधिकारियों और आकाशवीरों से संवाद करेंगी तथा उनका उत्साहवर्धन करेंगी। युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना अपनी अत्याधुनिक युद्धक क्षमता, सटीक निशानेबाजी और सामरिक कौशल का प्रदर्शन करेगी। वायु शक्ति-2026 को देखते हुए चांधन से पोकरण तक के क्षेत्र को अस्थायी रूप से नो फ्लाई जोन घोषित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू इससे पूर्व भी फ्रंटलाइन लड़ाकू विमानों में उड़ान भर चुकी हैं। 29 अक्टूबर 2025 को अंबाला स्थित गोल्डन एरोज स्क्वाड्रन के राफेल विमान में उन्होंने उड़ान भरी थी। इससे पहले 8 अप्रेल 2023 को असम के तेजपुर एयरबेस से सुखोई-30 एमकेआई में लगभग 30 मिनट की उड़ान पूरी की थी। सुखोई और राफेल जैसे दो अलग-अलग अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली वह देश की पहली राष्ट्रपति हैं। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल भी सुखोई विमान में उड़ान भर चुकी हैं।