Jaisalmer Murder Mystery: जैसलमेर में बुजुर्ग दंपती की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। हैरान करने वाली बात यह है कि हत्यारा कोई बाहरी नहीं, बल्कि उनका अपना सगा पोता निकला।
Jaisalmer Double Murder: जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र में बुजुर्ग दंपती की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज छह घंटे में वारदात का खुलासा कर दिया। आरोपियों ने लूट के उद्देश्य से इस डबल मर्डर को अंजाम दिया था। पुलिस ने दो आरोपियों को दस्तयाब कर लिया है और उनसे विस्तृत पूछताछ जारी है।
जानकारी के अनुसार, गत 17 तारीख की रात दोनों की नाक-मुंह, गला दबाकर हत्या करने के बाद आरोपी जैसलमेर आ गए और यहां उनके परिवार में चल रही शादी में शामिल हो गए। कोतवाली पुलिस ने उन्हें जैसलमेर से दस्तयाब किया।
गौरतलब है कि गत 18 अप्रैल को चांदराम ने रिपोर्ट दी कि वह सुबह अपने मौसा लाखाराम के घर पहुंचा तो देखा कि 80 वर्षीय लाखाराम घर के आंगन में मृत अवस्था में पड़े थे। घर के अंदर जाकर देखा तो उनकी पत्नी 78 वर्षीय रेशमा भी चारपाई पर मृत पड़ी थी।
सूचना मिलने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। जांच में सामने आया कि दंपती के गले व शरीर से सोने-चांदी के जेवरात गायब थे, जिससे लूट के बाद हत्या की आशंका जताई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने तत्काल घटनास्थल का दौरा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, डीएसपी और थाना अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। एफएसएल, एमओबी और डॉग स्क्वॉड की मदद से साक्ष्य जुटाए गए।
पुलिस टीमों ने आसूचना संकलन और तकनीकी आधार पर जांच करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। बेहतर समन्वय के चलते महज छह घंटे में मामले का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने इस मामले में सुरेश (19) पुत्र मनसुखराम भील निवासी 12 बीएलएम, हाल डिग्गा और योगेश (24) पुत्र टीमराम भील निवासी भील बस्ती, जैसलमेर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सुरेश मृतक लाखाराम का रिश्ते में पोता है और दोनों आरोपी आपस में भाई हैं। पुलिस का मानना है कि दोनों ने नगदी और जेवरात के लालच में वृद्ध दंपती की हत्या की है। दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है।
मोहनगढ़ क्षेत्र में डबल मर्डर की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस के सभी अधिकारियों और कार्मिकों ने एक टीम के रूप में काम करते हुए सफलता हासिल की है। इसके चलते सिर्फ छह घंटों में मामले का खुलासा हो सका।
-अभिषेक शिवहरे, पुलिस अधीक्षक, जैसलमेर