मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन-चार दिन ऐसे ही शीतलहर और गलन का माहौल रहेगा...
जालौन. पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते उत्तर प्रदेश में शीत लहर और गलन जारी है। पूरे दिन धूप न निकलने और कोहरा छाये रहने से ठंड बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन-चार दिन ऐसा ही माहौल रहेगा। उत्तर प्रदेश में अब तक ठंड के चलते 26 लोगों की मौत हो चुकी है। बुंदेलखण्ड में गलन भरी सर्दी किसानों ने लिये अब जानलेवा साबित हो रही है। विगत रात जालौन के दो अलग-अलग इलाकों में ठंड लगने से दो किसानों की मौत हो गयी। राजधानी लखनऊ में बुधवार सुबह का अधिकतम तापमान सामान्य से 8 डिग्री नीचे चला गया।
पहला मामला सिरसाकलार थाना इलाके के दमरास गांव का है। बताया गया कि इस गांव के किसान छितोले (60) पुत्र लालजी गत रात्रि खेत में पानी लगाने गये थे। रात तकरीबन दस बजे उनका नाती नीलू खेत पर अपने दादा को खाना देने पहुंचा तो उसने अपने दादा को खेत मे बेहोश पड़ा देखा। नीलू ने घर पर परिजनों को इसके बारे में सूचना दी। सूचना मिलते ही पूरा परिवार रोते बिलखते खेत में पहुंच गया, जहां उन्हें उठाया तो छितोले की तब तक मौत हो चुकी थी। घर पर शव पहुंचते ही पूरे घर में चीख पुकार मच गई। बेटे रामप्रकाश और शंभू ने बताया कि शीतलहर में ठंड लगने से तबियत बिगड़ गई और उन लोगों को जानकारी नहीं हो पाई, जिससे अस्पताल तक नहीं ले जा सके, इसका मलाल रहेगा। मामले की सूचना पर तहसीलदार कालपी व लेखपाल रमेश पचौरी को दे दी गई। लेखपाल रमेश पाचौरी का कहना है सूचना मिलने के बाद घटनास्थल पर जांच की गई है। प्रशासन को रिपोर्ट दी जाएगी।
जगम्मनपुर में भी मौत
शीतलहर के कारण रामपुरा थाना क्षेत्र के जगम्मनपुर में ठंड की चपेट में आए वृद्ध का दम उस वक्त टूट गया, जब परिजन इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे। जगम्मनपुर निवासी चुन्ने (80) पुत्र स्व. रामभरोसे रात को अन्ना मवेशियों से खेतों की रखवाली के लिए गए थे। खेत में ही उनको सर्दी लग गई और तबियत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन इलाज के लिए कानपुर लेकर जा रहे थे। तभी रास्ते में मौत हो गई। जिसके बाद सभी शव लेकर गांव पहुंचे। घर के मुखिया की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। हालांकि ग्रामीणों में चर्चा है कि हार्ट अटैक आने से मौत हुई है।
नहीं बंटे कंबल, न ही नलकूप पर लगे अलाव
जिलाधिकारी डॉक्टर मन्नान अख्तर ने सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारी को अवगत कराया था कि वह प्रधानों के साथ बैठक करके सभी को राजकीय नलकूपों पर अलाव लगाने और गांव के गरीब लोगों को कंबल वितरत किये जायें। उसके बाद भी अभी तक न तो कंबल का वितरण किये गये और न ही नलकूपों पर अलाव की व्यवस्था की गई है, जिससे प्रशासन की पोल खुलती नजर आ रही है।
अब तक 26 लोगों की मौत
ठंड के कारण अब तक इलाहाबाद, प्रतापगढ़ और कौशाम्बी में 10 की मौत हो चुकी है। पूर्वांचल के वाराणसी में सात, बलिया और मऊ में एक-एक की मौत ठंड से हो चुकी है। मंगलवार को रायबरेली, गोंडा और जालौन में दो-दो मौतें ठंड से हुई हैं, जबकि बहराइच में एक मासूम ने ठंड के चपेट में आकर दम तोड़ दी।