जैसलमेर-साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन की छत पर नशे की हालत में चढ़े एक युवक से खलबली मच गई। युवक को करीब 25 मिनट की मशक्कत के बाद सुरक्षित नीचे उतारा गया।
भीनमाल (जालोर)। जैसलमेर से साबरमती जा रही एक्सप्रेस ट्रेन की छत पर नशे में धुत एक मजदूर युवक चढ़ गया। आरपीएफ जवान की नजर पड़ते ही वॉकी-टॉकी से ट्रेन को रुकवाया गया। करीब 25 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद युवक को पकड़कर नीचे उतारा गया। शहर के जसवंतपुरा रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन को रोका गया, जहां आरपीएफ और जीआरपी के जवान मौके पर पहुंचे और मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा।
इसके बाद युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। रेलवे आरपीएफ थानाधिकारी नानूराम ने बताया कि जैसलमेर-साबरमती एक्सप्रेस की छत पर चढ़ा युवक बारां जिले की किशनगंज तहसील के बालपुरा गांव का निवासी अशोक सहरिया है, जो नशे की हालत में ट्रेन की छत पर पहुंच गया था।
घटना मारवाड़ भीनमाल रेलवे स्टेशन से करीब 300 मीटर दूर स्थित जसवंतपुरा फाटक के पास हुई। सुरक्षा कारणों से जोधपुर-साबरमती एक्सप्रेस को लगभग 25 मिनट तक रोका गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार युवक की गतिविधि की जानकारी मिलते ही ट्रेन की गति कम कर उसे रोकने का निर्णय लिया गया, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।
जांच में सामने आया कि युवक पहले ट्रेन के गेट से बाहर लटका हुआ था। कुछ ही पलों में वह संतुलन बनाते हुए ट्रेन की छत पर चढ़ गया और वहीं बैठ गया। इस दौरान ट्रेन के ऊपर से करीब 25 हजार वोल्ट की हाई टेंशन ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) लाइन गुजर रही थी, जिससे खतरा कई गुना बढ़ गया था।
यात्री के ट्रेन की छत पर बैठने की सूचना मिलते ही रेलवे स्टाफ और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे। करीब 25 मिनट तक युवक को नीचे उतरने के लिए समझाया गया, लेकिन वह किसी की बात मानने को तैयार नहीं था। स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी और हर सेकेंड खतरे से भरा हुआ था। आरपीएफ कांस्टेबल योगेंद्र सिंह ने बहादुरी दिखाते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना ट्रेन की छत पर चढ़कर युवक को सावधानीपूर्वक पकड़कर नीचे उतारा। इस दौरान जीआरपी कांस्टेबल घेवरचंद भी मौके पर मौजूद रहे।