Rajasthan Young Athlete: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जिस छात्र को बिहार का बताया जा रहा था, वह जालोर के भंवरानी गांव का खिलाड़ी निकला। साधारण परिवार से आने वाले हरीश ने मेहनत के दम पर जैवलिन थ्रो में अपनी पहचान बनाई है।
भाद्राजून। जिला मुख्यालय से करीब 28 किलोमीटर दूर स्थित भंवरानी गांव के एक खिलाड़ी का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे छात्र को कुछ लोगों की ओर से बिहार का बताया जा रहा था, जबकि जांच में सामने आया कि यह जालोर जिले की उभरती खेल प्रतिभा की प्रेरणादायक कहानी है।
भंवरानी के राजकीय पीएमश्री विद्यालय में कक्षा 11वीं में अध्ययनरत 16 वर्षीय छात्र हरिश कुमार सरगरा ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर भाला फेंक जैवलिन थ्रो में पहचान बनानी शुरू कर दी है। साधारण परिवार से आने वाले हरिश के पिता गणेशाराम दिहाड़ी मजदूरी कर पेंट और कलर का कार्य करते हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। परिवार में तीन भाई हैं।
हरिश की खेल यात्रा कक्षा 9वीं में विद्यालय में प्रवेश लेने के साथ शुरू हुई। विद्यालय के शारीरिक शिक्षक दिनेश कुमार राव ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए भाला फेंक का नियमित प्रशिक्षण देना शुरू किया। निरंतर अभ्यास और मेहनत के बल पर हरिश ने जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी पहचान बनाई।
ग्रामीणों जितेन्द्र दवे सराना व मनोहर सिंह राठौड़ के अनुसार हरिश के बड़े भाई खेताराम पहले ही जालोर जिला स्तर पर भाला फेंक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुके हैं। भाई की उपलब्धि और शिक्षक के मार्गदर्शन ने हरिश को खेल में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। हरिश ने बताया कि विद्यालय में एक दिन शिक्षक का प्रदर्शन देखकर उन्होंने भी भाला फेंक खिलाड़ी बनने का संकल्प लिया था। आज वही संकल्प उन्हें निरंतर आगे बढ़ा रहा है।
हरीश कुमार पुत्र गणेशाराम जालोर के भंवरानी गांव का रहने वाला है। वह मेरे पास ही प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। इसका बिहार से कोई संबंध नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इसे बिहार का बताया जा रहा है। हरीश गरीब परिवार से है और जैवलिन थ्रो में मेहनत कर राज्य स्तर तक खेल चुका है। वह मूल रूप से भंवरानी पीएमश्री स्कूल में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है।
हरीश मेरा पुत्र है, जो भंवरानी के पीएमश्री राजकीय विद्यालय में पढ़ता है। मेरे पुत्र को सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों में बिहार का बताया जा रहा है, जो गलत है। मेरा पुत्र राजकीय विद्यालय में कार्यरत दिनेश विश्नोई से भाला फेंक का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। हरीश भाला फेंक में जिला स्तर व राज्य स्तर तक खेल चुका है।