
जालोर। सरवाना थाना क्षेत्र में एक विवाहिता ने ससुराल पक्ष के खिलाफ प्रताड़ना का प्रकरण दर्ज करवाया है। नारायणपुरा हाल दूठवा (चितलवाना) निवासी संगीता लोहार ने रिपोर्ट में बताया कि उसकी शादी देवाराम लौहार निवासी नारायणपुरा के साथ करीब 5 वर्ष पूर्व हुई थी। पति देवाराम सहित परिवार के सभी जनों ने शादी के करीब 6 माह बाद ही मारपीट करना शुरू कर दिया। सभी मिलकर पति देवाराम को उकसाते थे। भड़काने से वो मारपीट करता था।
पीड़िता के अनुसार ससुराल पक्ष शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना देते रहते है। रोटी कपड़ा व भोजन से भी वंचित रखते थे।जालोर के इस मामले में समाज व अन्य समाज के लोगों ने कई बार ससुराल पक्ष के लोगों को समझाइश की, लेकिन मारपीट व मानसिक प्रताड़ना का सिलसिला जारी रखा। 2 जून शाम को ससुराल पक्ष ने मारपीट करते हुए घर से बाहर निकाल दिया। पीड़िता की रिपोर्ट पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
अगर जांच होने के बाद महिला के आरोप सही पाए जाते हैं, तो ससुराल पक्ष की मुश्किलें बढ़ सकती है। पीड़िता के खिलाफ घरेलू हिंसा करना, मारपीट करना, क्रूरता करना जैसे प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है। कानूनी जानकारों के अनुसार पति या उसके परिवार वाले शारीरिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित करते है,खाना नहीं देते है और घर से निकाल देते है तो इसको बहुत गंभीर अपराध माना जाता है।
साथ ही अन्य आरोपियों के खिलाफ भी मारपीट, धमकी और घरेलू हिंसा से संबंधित धाराएं जोड़ी जा सकती है। अगर जांच होने और साक्ष्यों-गवाहों के बयान पर यह सामने आ जाता है कि यह सब प्लान बनाकर की गई हिंसा है या परिवार के अन्य सदस्य भी इसमें शामिल थे, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
आरोप सिध्द होने पर पीड़िता को सुरक्षा के लिए कानून से मदद, रहने की व्यवस्था, भरण-पोषण जैसी राहत दिलाने के लिए भी आगे कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि कौन-कौन सी धाराएं लगेंगी, यह पुलिस जांच और मामले की परिस्थितियों से पता चलता है। फिलहाल पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।