
Lawrence Bishnoi Gang: राजस्थान के सांचौर शहर में एक मोबाइल कारोबारी से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रंगदारी न देने पर कारोबारी और उसके पूरे परिवार को जान से मारने की सीधी धमकी दी गई है। पीड़ित की शिकायत पर सांचौर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और मामले की गंभीरता को देखते हुए कारोबारी की सुरक्षा में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, सांचौर की मुमादेवी कॉलोनी निवासी ओमाराम, जिनकी राव मार्केट में मोबाइल की दुकान है, ने बताया कि 13 जुलाई को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा बताते हुए 1 करोड़ रुपए की फिरौती की मांग की।
इसके बाद 14 जुलाई को भी अलग-अलग विदेशी नंबरों से कई बार कॉल किए गए, जिन्हें कारोबारी ने डर के मारे रिसीव नहीं किया। 15 जुलाई को कॉल का जवाब न मिलने पर आरोपी ने दो वॉइस मैसेज भेजे। इन मैसेज में फिरौती न देने और पुलिस के पास जाने पर गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई।
हद तो तब हो गई जब 19 जुलाई को फिर से विदेशी नंबर से कॉल कर कारोबारी को धमकाया गया और 1 करोड़ रुपए की मांग दोहराई गई। लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर कारोबारी ने आखिरकार पुलिस थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई और मामला दर्ज करवाया।
सांचौर पुलिस थानाधिकारी नेमाराम ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित की शिकायत पर रंगदारी और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की साइबर और तकनीकी टीम विदेशी नंबरों, व्हाट्सएप कॉल और वॉइस मैसेज के आईपी एड्रेस व लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। वहीं, कारोबारी और उनके परिवार की जान-माल की रक्षा के लिए गनमैन और सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।
सांचौर क्षेत्र में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर व्यापारियों से रंगदारी मांगने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी सांचौर निवासी अशोक बिश्नोई, जो पुणे (महाराष्ट्र) में अपना बिजनेस चलाते हैं, से 'आरजू बिश्नोई' के नाम पर 2 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई थी। फिरौती न देने पर बदमाशों ने उनके शोरूम पर फायरिंग तक करवा दी थी।
विदेशी नंबरों (इंटरनेशनल वर्चुअल नंबर्स) का इस्तेमाल कर लगातार आ रही इन धमकियों से सांचौर के स्थानीय व्यापारियों में खौफ और चिंता का माहौल है। अब देखना यह है कि पुलिस साइबर नेटवर्क के जरिए इन बेखौफ अपराधियों तक कितनी जल्दी पहुंच पाती है।