Narmada Project Main Pipeline: जालोर में नर्मदा जल परियोजना की पाइपलाइन फटने से जोरदार धमाका हुआ और सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। हजारों लीटर पानी सड़क पर बहने से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
जालोर। कस्बे के महाराणा प्रताप चौक पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नर्मदा जल परियोजना की मुख्य पाइपलाइन अचानक फट गई। पाइपलाइन फटते ही तेज धमाके की आवाज सुनाई दी, जिससे आसपास के दुकानदार और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि रानीवाड़ा-भीनमाल सड़क का एक हिस्सा टूटकर बिखर गया। पाइपलाइन फूटने के बाद हजारों लीटर पानी तेज गति से सड़क पर बहने लगा, जिससे कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क पर पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई दोपहिया वाहन फिसलने की स्थिति में आ गए, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रही।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत नर्मदा विभाग को सूचना दी, लेकिन अधिकारियों को मौके पर पहुंचने में काफी समय लग गया। इससे लोगों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना था कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद संबंधित विभाग की टीम समय पर नहीं पहुंची, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती थी।
वहीं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी भी काफी देर बाद मौके पर पहुंचे। तब तक सड़क को काफी नुकसान हो चुका था। सड़क का बड़ा हिस्सा उखड़ गया और आसपास की दुकानों के बाहर पानी भर गया। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि यदि यह घटना व्यस्त समय में होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
व्यापारी सतीश कुमार ने बताया कि इस तरह की घटना बेहद खतरनाक है और इससे जनहानि भी हो सकती थी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पाइपलाइन की मरम्मत करवाई जाए और क्षतिग्रस्त सड़क को भी तुरंत दुरुस्त किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
बता दें कि नर्मदा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जहां पर यह विस्फोट हुआ, वहीं पर सौर ऊर्जा की जमीन के नीचे केबल डालने का कार्य चल रहा था। संभवत: इसी दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। प्रत्यक्षदर्शी तनवीरसिंह देवल ने बताया कि हादसे के समय सड़क अचानक ऊपर की ओर उठी और तेज धमाके के साथ पाइपलाइन फट गई, जिसके बाद चारों तरफ पानी ही पानी फैल गया।
जिस स्थान पर पाइप लाइन बिछी हुई है, वहां अंडर ग्राउंड सोलर लाइन बिछाने की किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई थी। पाइप लाइन टूटने के साथ सड़क को भी नुकसान हुआ है।