
Live-in Relationship Case Rajasthan-Jalore: जालोर: राजस्थान में जालोर के सायला थाना क्षेत्र से खाप पंचायत के तुगलकी फरमान का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवक और युवती के मर्जी से लिव-इन रिलेशनशिप में रहने पर समाज की पंचायत ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। पंचायत ने न सिर्फ पीड़ित परिवारों पर 21 लाख रुपए का भारी-भरकम आर्थिक दंड लगाया, बल्कि उनका हुक्का-पानी बंद कर उन्हें समाज से बहिष्कृत भी कर दिया।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, युवती का बचपन में बाल विवाह हुआ था। बालिग होने के बाद उसने साल 2024 में कानूनी तौर पर तलाक ले लिया और अलग रहने लगी। इसके बाद, 1 नवंबर 2025 से वह अपनी मर्जी से समाज के ही एक युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगी। दोनों का यह फैसला रूढ़िवादी पंचों को नागवार गुजरा।
फरवरी 2026 में पंचों ने सभा बुलाकर पीड़ित परिवार को चेतावनी दी थी कि वे युवती को वापस उसके माता-पिता के घर छोड़ दें, जिसके लिए उन्हें दो महीने का वक्त दिया गया था। अवधि पूरी होने पर 20 अप्रैल 2026 को एक पंच के घर दोबारा पंचायत बुलाई गई।
इस बैठक में 11 नामजद आरोपियों समेत करीब 61 लोग शामिल हुए। जहां पंचायत ने खड़े होकर पूरे परिवार पर 21 लाख रुपए का जुर्माना ठोक दिया और सामाजिक बहिष्कार का फरमान सुना दिया।
लगातार हो रही प्रताड़ना और स्थानीय सायला थाना पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई न किए जाने से परेशान होकर पीड़ित परिवार 29 जून 2026 को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। परिवार ने न्याय की गुहार लगाते हुए नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अब जांच शुरू कर दी गई है।
मामला दर्ज है और इस प्रकरण का अनुसंधान किया जा रहा है। जांच के साथ उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-सुरेंद्र सिंह, थानाधिकारी, सायला