जालोर

राजस्थान: PNG लें या LPG? उलझन में उपभोक्ता, समझने में कहां आ रही समस्या

PNG Connections: पीएनजी कनेक्शन अनिवार्य करने के आदेश से एलपीजी उपभोक्ता असमंजस में हैं। घर के पास से पाइप लाइन होने पर कनेक्शन लेना जरूरी, नहीं तो तीन महीने में सिलेंडर बंद करने की चेतावनी जारी कर दी जाएगी। उपभोक्ता इसे जबरन थोपना बता रहे हैं।
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Apr 03, 2026
Rajasthan PNG or LPG Consumers Confused Over Where Real Problem Lies
नीतू चौधरी और गीता शर्मा, गृहणी (फोटो- पत्रिका)

PNG-LPG Consumers in Jalore: जालोर: एलपीजी गैस उपभोक्ताओं के लिए हाल ही जारी पीएनजी कनेक्शन करवाने की बाध्यता को लेकर पशोपेश की स्थिति है। नए आदेश के तहत घर के पास पीएनजी (पाइप नेचुरल गैस) की लाइन है, तो उपभोक्ताओं को कनेक्शन लेना होगा। यही नहीं ऐसा नहीं करने पर तीन महीने में एलपीजी सिलेंडर बंद करने का अल्टीमेटम है।

जालोर जिले की बात करें तो सर्वाधिक पीएनजी लाइन शहरी क्षेत्र में बिछी है, जिसमें अनेक गड़बडियां, खामियां और लाइट बस्ट की शिकायतें भी आ चुकी हैं। यही नहीं सर्विस को लेकर भी उपभोक्ता परेशान हैं। शहरी उपभोक्ताओं का तर्क है कि प्रोडक्ट कौन सा लिया जाए इसका विकल्प तो स्वयं उपभोक्ताओं का ही होता है।

जारी आदेश के मामले में यह सवाल अहम है कि उपभोक्ता पर जबरन थोपा जा रहा यह आदेश कहां तक उचित है। उपभोक्ता को बेहतर विकल्प चुनने का अधिकार है, लेकिन उसे कनेक्शन बंद करने का दबाव बनाकर इस तरह से पीएनजी कनेक्शन की पैरवी कहां तक उचित है।

क्या है परेशानी समझिए

पीएनजी को एलपीजी की तुलना में ज्यादा सुरक्षित माना जाता है, लेकिन गैस सिलेंडर जरूरत के अनुसार मंगवाया जा सकता है। वहीं, पाइप गैस में ऐसा नहीं है। इसके लिए घर घर तक लाइनें बिछाई जानी हैं।

मामले में खास बात यह है कि पाइप नेचुरल गैस की लाइन में लीकेज या क्षतिग्रस्त होने पर संबंधित पूरे एरिया की गैस सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ सकता है। बता दें कि करीब एक साल पूर्व टेस्टिंग अवधि में ही रेलवे पुल के पास गैस लाइप लाइन क्षतिग्रस्त हुई थी।

इन सवालों के जवाब क्या?

  • बाहरी उपभोक्ता शहरी क्षेत्र में निवास करते हैं तो क्या उनके लिए भी पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन की बाध्यता होगी?
  • होटल संचालक किराए के भवन में रहते हैं और अक्सर स्थान भी बदलते हैं, क्या उनके लिए यह बाध्यता होगी?
  • भीतरी क्षेत्र में संकरी गलियों तक मुख्य लाइन बिछना संभव नहीं, उनके लिए सिलेंडर ही विकल्प?

एलपीजी गैस की फैक्ट फाइल

  • 2 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ता जिले में
  • 5 हजार व्यावसायिक उपभोक्ता
  • 34 एलपीजी गैस एजेंसी जालोर जिले में
  • 3 एलपीजी गैस एजेंसी जालोर शहर में

पीएनजी कनेक्शन एक नजर

  • 2 हजार पीएनजी कनेक्शन जालोर शहर में
  • 1 कॉमर्शियल कनेक्शन शहर में
  • 150 किमी लाइन बिछी जालोर मे
  • 200 के करीब आवेदन पेंडिंग

क्या है पीएनजी गैस

सीएनजी गैस का ही एक रूप है। सीएनजी को गाड़ियों में ईंधन के रूप में 200 नॉट पर प्रेशर के साथ भरा जाता है। यही गैस पाइप लाइन के जरिए रसोई गैस के रूप में पाइप से सप्लाई की जाती है, जिसे पाइप नेचुरल गैस कहते हैं। इसका प्रेशर कम रहता है। लो-प्रेशर गैस सप्लाई को रसाई गैस के रूप में काम ले सकते हैं।

दिक्कत होगी…

पीएनजी के लिए आदेश जारी किए गए हैं, जो त्वरित है। इस पर समीक्षा की जरुरत है। स्टेप बाय स्टेप सिस्टम स्थापित के बाद ही इसे अनिवार्य किया जाए।
-नीतू चौधरी, गृहिणी

पीएनजी कनेक्शन बेहतर विकल्प हो सकता है। लेकिन भीतरी शहर में तो ईंधन का मुख्य आधार ही एलपीजी गैस सिलेंडर है। उपभोक्ताओं को कनेक्शन का विकल्प देना चाहिए।
-गीता शर्मा, गृहिणी

इन्होंने कहा…

पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन को लेकर गाइड लाइन जारी हुई है। उसकी को लेकर होटल संचालकों के साथ भी बैठक हुई। जहां लाइन मौजूद है, वहां उपभोक्ताओं को कनेक्शन करवाने होंगे।
-नमिता नारवाल, जिला रसद अधिकारी, जालोर

Updated on:
03 Apr 2026 02:45 pm
Published on:
03 Apr 2026 02:45 pm