जालोर के सिरे मंदिर में रत्नेश्वर महादेव मंदिर के 375वें महोत्सव पर आयोजित धर्मसभा में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस समेत कई दलों पर निशाना साधा।
Yogi Adityanath in Jalore: सिरे मंदिर में रत्नेश्वर महादेव मंदिर के 375वें महोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सोमवार को धर्मसभा को संबोधित करते हुए उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दलों पर तंज कसे।
योगी आदित्यनाथ महाराज ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण देश की आजादी के बाद आसानी से हो सकता था, लेकिन उस समय की सरकारें उल्टी पैरवी करती रहीं। राम सेतु को तोड़ने का प्रयास किया गया। सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दिया गया कि राम हुए ही नहीं। जिन्होंने राम और कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल खड़े किए और जिन्होंने राम के अस्तित्व को नकारा, आज प्रभु ने उन्हें ठुकरा दिया है।
योगी ने आध्यात्मिक शक्ति के प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि 9 नाथ और 84 सिद्धों की परंपरा अजर-अमर है। उनकी सूक्ष्म दृष्टि से कृपा दृष्टि बनी रहती है। उन्होंने राजा मानसिंह के रत्नेश्वर महादेव के इस मंदिर के निर्माण में सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उस समय उन्होंने जो सहयोग किया, वह महान कार्य का आधार बना। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मानसिकता से किया गया योगदान कभी व्यर्थ नहीं जाता। कार्यक्रम को विधायक बालकनाथ ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में गंगानाथ महाराज, योगी नरहरिनाथ, संध्यानाथ महाराज, गिरवरनाथ महाराज, योगी काशीनाथ, योगी रूपनाथ महाराज, केशवनाथ महाराज, योगी पंचमनाथ, योगी सुंदराईनाथ महाराज, नारायणनाथ महाराज, मंगलाईनाथ महाराज, विक्रमनाथ महाराज और योगी कमलनाथ महाराज का सानिध्य रहा।
योगी आदित्यनाथ ने जातिवाद पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह नीति समाज को तोड़ती है। इस विघटन को रोकना जरूरी है। योगी ने कहा कि नशे के सौदागर युवा पीढ़ी को विघटनकारी मार्ग पर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। इस कार्य में देश के दुश्मन भी जुटे हैं। इसे रोकना होगा। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य को देखना है तो युवा पीढ़ी को देख लें। देश का भविष्य युवा पीढ़ी पर निर्भर करता है। जिस देश में युवा पीढ़ी सकारात्मक कार्य कर रही है, वह देश महानता की दिशा में आगे बढ़ता है। जहां युवा पथभ्रष्ट है, वहां समाज और देश नकारात्मक दिशा की ओर बढ़ता है।
योगी आदित्यनाथ ने स्मार्टफोन के दुष्प्रभाव पर प्रकाश डाला। योगी ने स्मार्टफोन को भी नशे के समान ही खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि प्रयास होना चाहिए कि छोटी उम्र के बच्चों को फोन नहीं दिया जाए। इससे आंखों की रोशनी खराब होती है। फोन में समय व्यतीत करने से बेहतर है कि युवा पुस्तक पढ़ें और योग-व्यायाम करें। उससे जीवन सुंदर होगा।
मोबाइल के सतत उपयोग से क्षमता का विकास रुक जाएगा। इसका प्रभाव उपयोगकर्ता को कुंठित करते हुए डिप्रेशन की ओर धकेल सकता है। उन्होंने फोन का सीमित उपयोग करते हुए परिवार के साथ समय बिताने की बात कही। युवाओं से कहा कि सफलता और विफलता दोनों जरूरी हैं, लेकिन उनका सामना करना भी जरूरी है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश वीर और वीरांगनाओं के बलिदान से बना है। इसमें किसानों और शिल्पियों का भी योगदान है। राजस्थान में संतों के सानिध्य के साथ वीरों की औजस्वी परंपरा कायम है। धर्म और संस्कृति के संरक्षण में राजा-महाराजाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
सिरे मंदिर में रत्नेश्वर महादेव मंदिर के निर्माण में राजा मानसिंह के सहयोग से हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने भी संतों की कृपा दृष्टि के परिणामस्वरूप यह कार्य करवाए। योगी ने कहा कि संतों की कृपा कब और कहां बरस जाए, यह कहा नहीं जा सकता।
योगी आदित्यनाथ महाराज के सिरे मंदिर पर मौजूद होने के कारण मंदिर परिसर भी छावनी में तब्दील रहा। रविवार शाम से सोमवार दोपहर तक कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा टीम और पुलिस जाब्ता तैनात रहा। सुरक्षा कारणों के चलते सोमवार सुबह श्रद्धालु मंदिर में नहीं पहुंच सके और दर्शन भी नहीं कर पाए। आमजन के दर्शनों के लिए योगी आदित्यनाथ की रवानगी के बाद मंदिर में व्यवस्था बहाल की गई।