जालोर

Four Lane Project: जालोर-बागरा फोरलेन प्रोजेक्ट में मनमानी, आम जनता में भारी आक्रोश, 18KM का सफर हुआ ‘खतरनाक’

Jalore-Bagra Four Lane Project: जालोर-बागरा निर्माणाधीन फोरलेन पर अधूरे कार्य वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं। छह जगह सड़क अधूरी होने और टूटे डिवाइडरों के कारण हर दिन हादसों की आशंका बनी हुई है।

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May 12, 2026
बिजली पोल हटाने के बाद सड़क पर डामरीकरण का इंतजार। फोटो- पत्रिका

जालोर। जालोर-बागरा निर्माणाधीन फोरलेन पर अधूरे कार्यों से हादसों की आशंका बढ़ गई है। 18 किलोमीटर के दायरे में छह स्थानों पर सड़क का काम अधूरा पड़ा है, जिससे वाहन चालकों के सामने गंभीर खतरा बना हुआ है। कई जगह डिवाइडर भी टूटे हुए हैं, जिसके कारण तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक विकट स्थिति पैदा हो जाती है। फोरलेन परियोजना का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है, जिससे हादसों की आशंका लगातार बढ़ रही है।

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आमजन में भारी आक्रोश

परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी की धीमी कार्यप्रणाली के कारण यह स्थिति बनी हुई है। ग्रेनाइट उद्यमियों की ओर से बार-बार अवगत कराने के बावजूद निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाई जा रही है। ऐसे में संबंधित विभाग और निर्माण कंपनी की अनदेखी वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रही है और लोग हर दिन जोखिम भरी यात्रा करने को मजबूर हैं। आमजन में इस लापरवाह रवैये को लेकर भारी आक्रोश है।

फोरलेन की धीमी रफ्तार, जोखिमों से भरी राह

जालोर में 18 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। इस दौरान छह जगहों पर सड़क अधूरी है और डिवाइडर भी टूटे हुए हैं। इन अधूरी सड़कों पर पोल शिफ्टिंग के बाद डामरीकरण का कार्य भी नहीं हो पाया है, जिससे वाहन चालकों के लिए हर पल खतरा बना रहता है। यह कार्य पिछले साल ही पूरा होना था, लेकिन तय समय सीमा से काफी पीछे चल रहा है।

काम पूरा करने की मांग

जालोर-बागरा फोरलेन प्रोजेक्ट राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। जालोर ग्रेनाइट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिला कलक्टर और एसई पीडब्ल्यूडी जालोर को ज्ञापन सौंपकर प्रोजेक्ट का काम जल्द पूरा करवाने की मांग की है।

डिवाइडर निर्माण में मनमानी

फोरलेन जालोर-बागरा प्रोजेक्ट में डिवाइडर का निर्माण किया जा रहा है। इसमें भी लापरवाही बरती जा रही है। 18 किलोमीटर से 12 किलोमीटर तक डिवाइडर बनाए जा चुके हैं, लेकिन उन पर रंगरोगन या रिफ्लेक्टर तक नहीं लगाए गए हैं। रात के समय डिवाइडर दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन चालकों के सामने गंभीर स्थिति पैदा हो जाती है। डिवाइडर निर्माण स्थल को लेकर भी मनमर्जी हावी है। निर्माण के बाद कुछ उद्यमियों ने अपनी ग्रेनाइट इकाई के सामने बने डिवाइडर को अवरोधक मानते हुए अपने स्तर पर ही तोड़ दिया है। इससे भविष्य में हादसों की आशंका और बढ़ गई है।

इन्होंने कहा

बागरा-जालोर तक फोरलेन प्रोजेक्ट अहम है। वर्तमान में काम की रफ्तार धीमी है। अधूरे कार्य स्थलों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। वहीं बीच राह अधूरे कार्य स्थलों से हादसों की संभावना भी बनी हुई है।

  • अरविंद चौधरी, सचिव, ग्रेनाइट एसोसिएशन

डिवाइडर निर्माण कार्य चल रहा है। मनमर्जी से डिवाइडर में बदलाव करने और तोड़फोड़ करने के मामले में प्रकरण दर्ज करवाया जाएगा।

  • शंकरलाल सुथार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी

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