Karhi Firing Case: करही गोलीकांड में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर कांग्रेस ने 20 मई को एसपी ऑफिस जांजगीर-चांपा के घेराव का ऐलान किया है।
Karhi Firing Case: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा (Janjgir-Champa) जिले के करही गोलीकांड में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं कांग्रेस ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए 20 मई को एसपी कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है। दूसरी ओर, प्रशासन ने जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। पार्टी की ओर से पहले ही पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई थी। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो 20 मई को एसपी ऑफिस जांजगीर-चांपा (SP Office Janjgir-Champa) का घेराव किया जाएगा।
सक्ती जिले के प्रभारी मंत्री (Guru Khushwant Saheb) ने मामले को संवेदनशील बताते हुए कहा कि पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि घटना में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
यह सनसनीखेज वारदात करही गांव की है, जो Birra थाना क्षेत्र में आता है। 23 अप्रैल की रात करीब 12 बजे तीन अज्ञात नकाबपोश हमलावर घर के पीछे के रास्ते से व्यवसायी सम्मेलाल कश्यप (Sammelal Kashyap) के घर में घुसे।
हमलावर सीधे उस कमरे में पहुंचे, जहां 19 वर्षीय Ayush Kashyap, उसका भाई और बहन सो रहे थे। आरोपियों ने आयुष कश्यप (Ayush Kashyap) पर दो राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली सीने और दूसरी कनपटी पर लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसके भाई आयुष कश्यप को भी गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया।
घटना के दौरान आरोपियों द्वारा पैसों की मांग किए जाने की बात भी सामने आई है। घायल आयुष कश्यप (Ashutosh Kashyap) को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज किया गया।
मृतक आयुष कश्यप के पिता सम्मेलाल कश्यप लोहा व्यापारी होने के साथ-साथ ब्लॉक कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी हैं। वह पहले उपसरपंच रह चुके हैं, जबकि उनकी पत्नी भी पूर्व सरपंच रह चुकी हैं। ऐसे में घटना के राजनीतिक पहलू पर भी चर्चा तेज हो गई है।