जांजगीर चंपा

स्टाफ नर्सेस की हड़ताल से चरमराई व्यवस्था, सीनियर का काम जूनियर को

जिला अस्पताल में आपरेशन व्यवस्था सहित अन्य जरूरी कार्य पूरी तरह से ठप
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जिला अस्पताल में आपरेशन व्यवस्था सहित अन्य जरूरी कार्य पूरी तरह से ठप
जिला अस्पताल में आपरेशन व्यवस्था सहित अन्य जरूरी कार्य पूरी तरह से ठप

जांजगीर-चांपा. जिले के स्टॉफ नर्सेस के अनिश्चितकालीन हड़ताल से सभी शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। खासकर जिला अस्पताल में आपरेशन व्यवस्था सहित अन्य जरूरी कार्य पूरी तरह से ठप पड़ गया है। अस्पताल में तैनात डॉक्टरों द्वारा जूनियर सिस्टरों से जैसे तैसे काम लिया जा रहा है।

अस्पतालों में रूटिन के काम किसी तरह संचालित हो रहा है, लेकिन आपरेशन जैसे संवेदनशील कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा वार्डों में भर्ती मरीजों को दक्ष सिस्टरों द्वारा जिस तरह सेवाएं दी जाती है उस तरह जूनियर सिस्टरों से सेवा नहीं मिल पा रही है।


अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश भर की स्टॉफ नर्सेस 18 मई से हड़ताल पर हैं। प्रदेश भर की स्टाफ नर्सेस रायपुर में हड़ताल करने जुटी हुई हैं।

इनके हड़ताल में जाने के बाद जिल के शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। जिले के प्रत्येक अस्पतालों में बिना स्टाफ नर्सेस के काम चल रहा है। कहीं जूनियर स्टॉफ नर्सेस से काम लिया जा रहा है तो कहीं प्रशिक्षुओं से। जिसके चलते शासकीय अस्पतालों में मरीजों की सेवा नहीं हो पा रही है। खासकर जिला अस्पताल में जूनियर स्टॉफ नर्सेस से ली जा रही है।

जिला अस्पताल में 11 जूनियर नर्सेस हैं जो तीन सिफ्ट में काम कर रहीं हैं। चार-चार नर्सेस को तीन शिफ्ट में बांटा गया है। ये नर्सेस जैसे तैसे काम संचालित कर रहीं हैं। कई लोगों से काम नहीं बन रहा। इसके बाद भी डॉक्टरों द्वारा कोआपरेट कर काम लिया जा रहा। बड़ी दिक्कत तब हो रही जब लेबर रूम में प्रसूता जचकी के लिए आ रहीं हैं। जचकी के लिए प्रशिक्षित स्टाफ नर्सेस की जरूरत पड़ रही है।

प्रशिक्षित स्टॉफ नर्सेस नहीं होने से लेबर पेशेंट को निजी अस्पतालों में रेफर करना पड़ रहा है। जिसके चलते प्रसूताओं को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। शासकीय अस्पतालों में रात को अक्सर दो से तीन प्रसूता भर्ती होने के लिए आतीं हैं, जिन्हें नर्सेस नहीं होने का हवाला देते हुए बाहर रेफर किया जा रहा है। क्योंकि जब कुशल स्टॉफ नर्सेस नहीं होंगी तो डॉक्टरों का सहयोग कौन करेगा।

एसएनसीयू यूनिट के स्टाफ को भी किया अटैच
जिला अस्पताल में एसएनसीयू सूनिट संचालित होने वाला है। इसके लिए 9 जूनियर स्टॉफ नर्सेस की नियुक्ति हुई है। इन्हें जनरल वार्ड में नियुक्त किया गया है।

इनके बूते पूरा जिला अस्पताल के मरीज निर्भर हैं। गौरतलब है कि जिला अस्पताल के 100 बेड को चार भाग में बांट दिया गया है। चार-चार भाग में दो-दो स्टॉफ नर्सेस की जरूरत पड़ती है। जिसमें एक-एक जूनियर स्टॉफ नर्सेस से जैसे तैसे काम लिया जा रहा है। वार्डों में पर्याप्त स्टॉफ नर्सेस नहीं होने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई है।


काम प्रभावित नहीं हो रहा
जिला अस्पताल में जूनियर स्टाफ नर्सेस से काम लिया जा रहा है। काम प्रभावित नहीं हो रहा। क्योंकि जूनियर स्टाफ नर्सेस पूरा काम सम्हाल रहीं है। केवल आपरेशन थिएटर में थोड़ी बहुत दिक्कत हो रही है।
-डॉ. अनिल जगत, एमडी

Published on:
21 May 2018 06:19 pm
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