
EE Shashank Singh Suspended: छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह के खिलाफ बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। सरकारी ड्राइवर से कथित तौर पर गाली-गलौज और दंतेवाड़ा ट्रांसफर कराने की धमकी देने के वायरल ऑडियो के बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया है। इस मामले ने प्रशासनिक कार्यशैली और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
जानकारी के मुताबिक, विभाग की एक महिला कर्मचारी और सरकारी ड्राइवर के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद के बाद कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह ने ड्राइवर को फोन किया। वायरल ऑडियो में वे कथित तौर पर ड्राइवर को अपशब्द कहते हुए यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि “मैं एसडीएम से डरता हूं क्या, तुमको दंतेवाड़ा भेजवा दूंगा, कलेक्टर चेंज होने दो, बोरिया-बिस्तर बांध ले।” ऑडियो में अधिकारी द्वारा मारपीट की धमकी देने की बात भी सामने आई है।
हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन मामला सार्वजनिक होने के बाद इसे गंभीरता से लिया गया। जन्मेजय महोबे ने तत्काल जांच के आदेश दिए और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर शशांक सिंह को निलंबित कर दिया गया। इस घटना के बाद सरकारी विभागों में अधिकारियों के आचरण और कर्मचारियों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कर्मचारी संगठनों ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी अधिकारी द्वारा पद का दुरुपयोग, धमकी या दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी हलकों में इस कार्रवाई को एक स्पष्ट संदेश के तौर पर देखा जा रहा है कि कर्मचारियों के सम्मान और कार्यस्थल की गरिमा से समझौता नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे और कार्रवाई भी संभव मानी जा रही है।
सरकारी विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच विवाद के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया के दौर में ऐसे मामलों के ऑडियो-वीडियो तेजी से वायरल होने लगे हैं, जिससे प्रशासन पर तत्काल कार्रवाई का दबाव बढ़ जाता है। इस मामले में भी वायरल ऑडियो ने प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करने पर मजबूर किया। जन्मेजय महोबे द्वारा जांच के आदेश और उसके बाद निलंबन की कार्रवाई को सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ रुख के तौर पर देखा जा रहा है।