- वाहन निविदा के नाम पर स्वास्थ्य विभाग ने नियमों का बनाया मजाक
जांजगीर.चांपा. जिले में वाहन टेंडर के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। शिक्षा विभाग, जनपद पंचायत विभाग के बाद अब सबसे बड़ा नाम स्वास्थ्य विभाग का सामने आ रहा है। सीएमएचओ द्वारा मनमाने तरीके से सभी नियमों को ताक में रखकर गाडिय़ों का टेंडर जारी किया गया है।
यदि यह नियम बदला नहीं गया तो एक पान दुकान चलाने वाला भी यहां वाहन का टेंडर ले सकेगा, फिर चाहे उसके पास उतने वाहन हों या न हों और वह बीच में ही वाहन देने से हाथ खड़ा कर दे। लोगों का आरोप है कि सीएमएचओ डॉ. वी जयप्रकाश ने ऐसा अपने किसी चहेते को टेंडर देने के लिए किया है।
जानकारी के मुताबिक सीएमएचओ कार्यालय से छह-आठ माह पहले लगभग 21 चार पहिया वाहनों को अधिग्रहित करने के लिए निविदा जारी की गई थी। इस निविदा को नियम व शर्तों के मुताबिक निकाला गया था। नियम के मुताबिक पिछली निविदा में दो शर्तें ऐसी रखी गईं थी, जिसको पूरा करना जिले में सिर्फ एक और दो ही ट्रेवेल्स संचालकों के वश में था, शेष इस अर्हता को पूरा ही नहीं कर रहे थे।
नियम के मुताबिक जारी निविदा में सीएमएचओ के करीबी व्यक्ति को टेंडर मिलना मुमकिन नहीं था। इससे सीएमएचओ ने कलेक्टर को गलत जानकारी देकर उस टेंडर को बिना किसी कारण या शिकायत के ही रद्द कर दिया। इसके बाद दोबारा फिर से निविदा जारी की गई है, जिसमें भाग लेने की अंतिम तिथि 5 मार्च 2018 तय की थी। इन निविदा को खोले जाने की अंतिम तिथि पांच अप्रैल निर्धारित की गई है, जो निविदा दोबारा निर्धारित की गई उसके नियम कायदों में बदलाव करा दिया गया है।
इस बदलाव के बाद स्वास्थ्य विभाग से जारी इस टेंडर को वान ठेला संचालक भी ले सकता है, जिसके पास उसकी दुकान का रजिस्ट्रेशन सहित जीएसटी व पैन नंबर हो। लोगों का आरोप है कि सीएमएचओ ने नियम कायदों को ताक में रखकर टेंडर निकाला है और ऐसा अपने किसी चहेते को टेंडर देने के लिए किया गया है।
इन शर्तों को दूसरे टेंडर में हटाया
सीएमएचओ ने दोबारा टेंडर जारी करने पर पहले टेंडर की शर्तों में से टैक्सी वाहनों को किराये पर बुकिंग में संचालन संबंधी फर्म का जीवित पंजीयन प्रमाण पत्र देने और निविदा धारक के पास स्वयं की तीन से पांच वाहनों का होना यह दो अहम शर्तों को हटा दिया है। यह दोनों शर्त ऐसी थी कि इन्हें पूरा करने वाला अनुभवी ट्रेवेल्स संचालक ही हो सकता है।
सेवा हो सकती है बाधित
सीएमएचओ के इस टेंडर के बाद अब पूरे महकमें और शहर में चर्चा है कि इस तरह गैर अनुभवी लोगों के हाथ में टेंडर देकर अधिकारी गलत कर रहे हैं। ऐसा करने से वह बीच में ही टेंडर को छोड़ सकता है और शासकीय सेवा बाधित हो सकती है।
वाहन टेंडर में भाग रजिस्टर्ड ट्रेवेल्स फर्म ही भाग ले सकती है। ऐसा सीएमएचओ लेवल पर क्यों किया जा रहा है, इसकी जानकारी ली जाएगी और उन्हें नियमों के मुताबिक ही टेंडर जारी करने का निर्देश दिया जाएगा- एसएन भूरे, एमडीए एनआरएचएम, छग शासन