
Chhattisgarh News: रातभर खेत में जिंदगी व मौत से एक असहाय बुजुर्ग जूझता रहा। वह ठीक से चल ही नहीं पा रहा था। सुबह ग्रामीणों ने देखा और उसकी जान बचाई और जिला अस्पताल पहुंचा दिया। रात भर खेत में पड़े होने से ठंड से कांप रहा था। प्राथमिक उपचार के बाद उसे डॉक्टरों ने बड़े अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन कोई परिजन नहीं आने से उसे बाहर कोई नहीं रहा है। अब मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अपनों का इंतजार हो रहा है। इधर तबियत बिगड़ते जा रहा है।
जांजगीर-चांपा जिले से लगे गांव कुलीपोटा में मानवता को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई। एक बुजुर्ग पूरी रात खेत में बेसहारा पड़ा रहा। रातभर किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी। सुबह खेत की ओर पहुंचे ग्रामीणों ने जब उसे अचेत अवस्था में देखा तो तत्काल इसकी सूचना दी और मानवता दिखाते हुए उसे अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया।
लेकिन सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि अब तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है। कोई परिजन या परिचित सामने नहीं आया है, जिसके कारण वह अस्पताल में लावारिस की तरह पड़ा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सुबह समय पर उसकी जानकारी नहीं मिलती तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन उसकी देखभाल कर रहा है और पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उसके परिजनों तक सूचना पहुंचाई जा सके।
अभी भी वह ठंड से कांप रहा है, डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया है, लेकिन हायर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है। एक किनारे में उसे रख दिया गया है, मानवता के नाते भी उसे देखने वाला कोई नहीं है। परिजनों क इंतजार हो रहा है। पता भी नहीं चल पा रहा है कि आखिर वह वृद्ध कौन है। कुछ बात भी ठीक से नहीं कर पा रहा है। ऐसे में परिजनों तक पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है।
खेत में अचेत पड़े बुजुर्ग को देखकर ग्रामीणों ने तमाशबीन बनने के बजाय तुरंत मदद की। अपने स्तर पर वाहन की व्यवस्था कर उसे अस्पताल पहुंचाया, जिससे समय रहते उसका इलाज शुरू हो सका।
अस्पताल में भर्ती इस बुजुर्ग की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई इस वृद्ध को पहचानता हो या उसके परिजनों के बारे में जानकारी रखता हो, तो तत्काल अस्पताल या संबंधित पुलिस थाना को सूचना दें, ताकि उसे उसके परिवार से मिलाया जा सके।