झुलसने से उसे गंभीर अवस्था में पहले बीडीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीडीएम के डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार कर सिम्स रेफर कर दिया था।
जांजगीर-चांपा. आग से झुलसी युवती की इलाज के दौरान सिम्स में मौत हो गई। मौत के कारणों की जांच पुलिस कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद खुदकुशी के कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल सिम्स पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया है। घटना सारागांव थानांतर्गत ग्राम अफरीद की है।
सिम्स पुलिस के मुताबिक अफरीद की सीमा धीवर पिता सोनाराम धीवर (20) ने 28 सितंबर को गांव की एक महिला व उसके भाई से उसका विवाद हो गया था। विवाद करने वालों ने उसके घर में आकर भी उसे विवाद कर रहे थे। विवाद बढ़ते गया और सीमा ने देखते ही देखते अपने घर में अपने ऊपर मिट्टी तेल छिड़ककर खुदकुशी करने की कोशिश की थी। वह 50 फीसदी झुलस गई थी। झुलसने से उसे गंभीर अवस्था में पहले बीडीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीडीएम के डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार कर सिम्स रेफर कर दिया था।
लगातार 14 दिनों तक सीमा जिंदगी और मौत से जूझती रही। आखिरकार गुरुवार की सुबह वह दम तोड़ दी। घटना की खबर सिम्स पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। गुरुवार की शाम तक युवती का शव गांव पहुंच चुका है। इधर सारागांव पुलिस मामले की जांच कर रही है। सारागांव थाना प्रभारी चुन्नू तिग्गा का कहना है परिजनों के बयान लेने के बाद युवती के खुदकुशी के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा।