
जांजगीर-चांपा. अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम मधुवा में संक्रमण के चलते उल्टी-दस्त से 70 से ज्यादा लोग ग्रस्त होने की खबर से स्वास्थ विभाग का आमला हरकत में आया, वहीं गांव में शिविर लगाकर मरीजों का उपचार किया गया। गंभीर रूप से बीमार 21 लोगों को 108 के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंन्द्र में भर्ती कराया गया है।
शनिवार को ग्राम मधुवा के वार्ड नंबर 7 एवं 11 के कई लोगो को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। कुछ देर बाद ग्राम के अन्य वार्डों से भी उल्टी- दस्त की शिकायत होने लगी। इसकी सूचना बीएमओ डॉ. श्रीकेश गुप्ता एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सीपी सिंह को दी गई। उल्टी-दस्त की सूचना पर अकलतरा, बलौदा, पामगढ़ एवं सीपत से स्वास्थ विभाग के अमले ने ग्राम मधुवा पहुंचकर शिविर लगाकर ग्रामवासियों का निरीक्षण किया गया।
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निरीक्षण के पश्चात सामान्य रूप से बीमार लोगों को ईलाज के लिए ग्राम पोड़ी दल्हा के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भेजा गया। पीडि़तों ने बताया कि ग्राम में स्थापित किया गये हैडपंपो के नियमित साफ.-सफाई एवं रखरखाव नहीं किया जाता, जिसकी वजह से हैंडपम्पों से निकलने वाला पानी प्रदूषित हो गया है। विगत एक माह से ग्राम के मुख्य तालाब का पानी सूख जाने के कारण ग्राम के ही डबरी तालाब में निस्तारी के लिए ग्रामवासी निर्भर हैं। डबरी तालाब में ग्राम के नालियों का पानी एवं कुछ घरों के सेप्टीक टैंक का पानी आकर मिलता है, जिसकी वजह से डबरी तालाब का पानी प्रदूषित हो रहा है एवं डबरी तालाब के बाजू में ही स्थित हैंडपंप से पेयजल का निस्तार गा्रम के वार्डवासी करते हैं।
ग्रीष्मकाल के शुरूआत में ही पेयजल की यह स्थिति है तो आने वाले समय में भगवान ही ग्रामवासियों का भाग्यविधाता होगा ऐसा लग रहा है। सर्वाधिक दुखद स्थति यह है कि क्षेत्र में आकास्मिक चिकित्सा के आवश्यकता पडऩे पर वाहन की कोई व्यवस्था नहीं है।
अकलतरा एव बलौदा सामुदायिक स्वास्थय केन्द्र में संजीवनी 108 वाहन कई दिनों से बिगड़ी खड़ी हुई है। आज भी ग्राम मधुवा के उल्टी-दस्त से पीडि़त लोगो को सामुदायिक स्वास्थय केन्द्र लाने के लिए जांजगीर एवं पामगढ़ 108 वाहन का उपयोग किया गया। जिसके चलते मरीजों को सामुदायिक स्वस्थ्य केन्द्र पहुचानें में काफी देरी हुई। इतना ही नहीं 30 बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वस्थय केन्द्र में बेड उपलब्ध नहीं होने के चलते कई मरीजों को बरामदेें में ंस्थित बेंच एवं टेबलों में लेटाकर उपचार किया गया। घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम अजय उरॉव एवं नगरपालिका उपाध्यक्ष मोहम्मद ईमरान खान द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचकर पीडि़तों का हाल-चाल पूछकर डॉक्टरों से इलाज के सबंध में जानकारी ली गई।
ये हैं गंभीर मरीज, जिन्हें रेफर किया गया
गंभीर रूप से पीडि़त कुमारी राजेश्वरी प्रधान, मनबोध प्रधान, नेहा प्रधान, भूषण प्रधान, शिवशंकर प्रधान, संतोषी प्रधान, गायत्री बाई, शैल बाई, शैल देवी, आसुतोष कुमार, कुसुम, उर्मिला, पीली बाई, द्वारिका प्रसाद, सुकरिता, झरोका, पुनिराम, बल्लीराम मंगल राम, गिरिजा एवं अजय प्रधान सहीत 21 लोगो को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया है।
अक्सर मुख्यालय से गायब रहते हैं जिम्मेदार
शासन द्वारा हैंडपंप के रखरखव के लिए लोक स्वास्थ एवं यांत्रिकी विभाग को करोड़ों रूपए की राशि प्रतिवर्ष आवंटित कराई जाती है तथा अनुविभागीय कार्यालय स्थापित किया गया है जिसमें बड़ी संख्या में अभियंता एवं हैंडपंप मेंकेनिक पदस्थ है। किन्तु इसे क्षेत्र का दुर्भाग्य ही कहा जायेगा कि अनुविभागीय अधिकारी से लेकर अधिकांश अभियंता एवं कर्मचारी मुख्यालय में ही नहीं रहते हैं वे सैरसपाटे के रूप में कार्यालय आते है और शासन से प्राप्त राशि के बंदरबांट मे जुट जाते हैं।