जशपुर नगर

पति को शक था बीवी का है BF, जब नहीं मानी ये बात तो जला दिया जिंदा, फिर ढेड़ साल बाद…

पत्नी के चरित्र पर करता था शक, जला दिया ज़िंदा,डेढ़ साल बाद मामला आया सामने।
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Updated: 3 Sep 2019, 7:27 PM IST
पति को शक था बीवी का है BF, जब नहीं मानी ये बात तो जला दिया जिंदा, फिर ढेड़ साल बाद...
पति को शक था बीवी का है BF, जब नहीं मानी ये बात तो जला दिया जिंदा, फिर ढेड़ साल बाद...

जशपुरनगर. पति पत्नी के बीच कई बातों को लेकर मनमोटाव होतें हैं लेकिन जब बात चरित्र में उठने लगते हैं तो दोनों ही एक दूसरे के जान के दुश्मन बन जातें हैं। दरअसल ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमे पति ने अपने ही पत्नी को रात के अँधेरे का फायदा उठाते हुए उसे जला कर मौत मुँह में धकेल दिया। इस मामले में एसपी ने एक जांच अधिकारी एसआई को निलंबित कर दिया है।

जशपुर अंतर्गत एक पुराने केस ने नया रुख मोड़ा है जहां डेढ़ साल पहले पत्नी को जलाकर मार देने के आरोप में एक व्यक्ति पर अपराध दर्ज किया गया है।असल में वह व्यक्ति मृतिका का पति है जो तपकरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिमडा निवासी रूपेश साहू है। वहीं इस मामले में केस दर्ज नहीं करने पर लापरवाही बरतने के आरोप में एक जांच अधिकारी एसआई हर्षवर्धन चौरासे को आईजी के आदेश पर एसपी ने निलंबित भी किया गया है।

इस संबंध में पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बीते वर्ष 4 अप्रेल को 2018 को मृतिका सुमन साहू और उसके पति रूपेश साहू के बीच विवाहेत्तर संबंध को लेकर विवाद हुआ था। रूपेश पत्नी सुमन की चरित्र पर शक करता था। शंका पर रात के अंधेरे में रूपेश ने अपनी पत्नी को जिंदा जला दिया, जिससे सुमन गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे रूपेश और पड़ोस व रिश्तेदार के लोग हॉलीक्रास अस्पताल अंबिकापुर ले गए थे। उसके बाद वहां से उसे रायपुर ले जाया गया था, जिसमे उसकी मौत हो गई थी।

इस दरम्यान तहसीलदार के समक्ष मृतिका सुमन ने होशो हवाश में बयान दिया था जिसमें पति रूपेश के द्वारा जलाने का आरोप स्पष्ट लगाया गया था। लेकिन मामले में तत्कालीन विवेचक हर्ष चौरासे ने तहसीलदार के बयान पर विवेचना किए बिना ही रूपेश के खिलाफ कोई भी जुर्म दर्ज नहीं किया। इस वजह से सुमन के परिजनों ने सरगुजा आईजी से गुहार लगाई थी।

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