जशपुर

जशपुर बना मत्स्य उत्पादन का नया हब, 22,805 मीट्रिक टन मछली उत्पादन से किसानों की आमदनी में हुई वृद्धि

CG News: जशपुर जिला मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का अग्रणी जिला बन गया है। पिछले 22 महीनों में जिले में 22,805 मीट्रिक टन मछली उत्पादन दर्ज किया गया।
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Nov 12, 2025
22 माह में 22,805 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन (photo source- Patrika)
22 माह में 22,805 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन (photo source- Patrika)

CG News: जशपुर जिला मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। मत्स्य उत्पादन न केवल पोषण सुरक्षा का माध्यम है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर ग्रामीण रोजगार सृजन का भी एक सशक्त माध्यम बन चुका है। किसानों को आधुनिक तकनीकों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा उन्हें अनुदान राशि भी प्रदान की जा रही है। इन प्रयासों से मत्स्य उत्पादक किसान आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से अग्रसर हैं।

पिछले 22 महीनों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्यवन से जिले में मत्स्य बीज स्पॉन उत्पादन 18.50 करोड़, मत्सय बीज स्टे.फ्राय उत्पादन 2.55 करोड़, तथा मत्स्य बीज संचयन 2.94 करोड़ तक पहुंच गया है। जिले में कुल 22,805 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन दर्ज किया गया।

CG News: ग्रामीण स्तर पर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 77.677 हेक्टेयर ग्रामीण तालाबों और 295.270 हेक्टेयर जलाशयों का पट्टा आबंटन किया गया। साथ ही 8 मछुआ सहकारी समितियों को शासन द्वारा नवीन योजना के अंतर्गत अनुदान स्वीकृत किया गया। मछुआरों के सामाजिक सुरक्षा के लिए 6,904 हितग्राहियों को मत्स्यजीवी दुर्घटना बीमा योजना के तहत लाभान्वित किया गया है। वहीं अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के 63 हितग्राहियों द्वारा मौसमी तालाबों में मत्स्य बीज संवर्धन का लाभ दिया गया है।

साथ ही सामान्य एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग 817 लाभार्थियों ने 50 प्रतिशत अनुदान पर फिंगरलिंग क्रय कर संचयन कार्य किया है। सामान्य एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 430 हितग्राहियों को नाव-जाल वितरण और 227 लाभार्थियों को फुटकर मछली विक्रय योजना के तहत आर्थिक सहायता दी गई है। इसी प्रकार से झींगा पालन के क्षेत्र में भी 55 इकाइयों की स्थापना से मत्स्य व्यवसाय में विविधता आई है।

Updated on:
12 Nov 2025 07:14 pm
Published on:
12 Nov 2025 07:14 pm