जौनपुर

UP Panchayat Election Results 2021 : श्रीकला की जीत से मजबूत होगी बाहुबली धनंजय सिंह की सियासी जमीन, भाजपा कैंडिडेट की जमानत जब्त

UP Panchayat Election Results 2021 : सिर्फ एक दिन के प्रचार से ही जीता चुनाव, श्रीकला की जीत के कई सियासी मायने हैं जो धनंजय सिंह के पक्ष में जाते हैं

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May 04, 2021
बाहुबली धनंजय सिंह के सिर्फ एक दिन के ही चुनाव प्रचार ने श्रीकला सिंह को जिला पंचायत सदस्य पद पर विजय दिला दी

जावेद अहमद
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
जौनपुर. UP Panchayat Election Results 2021 जौनपुर के वार्ड नंबर 45 से पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला सिंह ने ऐतिहासिक मतों से जीत हासिल की है। उन्होंने निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष राज बहादुर यादव की पत्नी को लगभग 12 हजार वोटों से पराजित किया। इस वार्ड से चुनाव लड़ रही भाजपा प्रत्याशी उषा सिंह की तो जमानत भी जब्त हो गई। ऐसा नहीं है कि इस जीत का सेहरा सिर्फ श्रीकला के सिर बंधेगा बल्कि इस पूरे चुनावी घमासान में उनके पति पूर्व सांसद धनंजय सिंह का अहम रोल है।

जौनपुर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी महिला के लिए आरक्षित की गई तो धनंजय सिंह ने पत्नी श्रीकला सिंह को चुनावी मैदान में उतार दिया। आखिर क्यों? इसके लिए पहले यह समझना जरूरी होगा कि वार्ड नंबर 45 का पूरा इलाका धनंजय सिंह का माना जाता है। यहां जो भी वोटर हैं, अधिकतर सपोर्टर हैं धनंजय सिंह के। रारी (मल्हनी विस क्षेत्र का पूर्व में रारी नाम था) होने से लेकर मल्हनी तक इस विधानसभा क्षेत्र में हमेशा से धनंजय सिंह का दबदबा रहा है, बावजूद वर्षों से धनंजय सिंह एक अदद जीत की तलाश में थे। मल्हनी उपचुनाव में निर्दल चुनाव लड़ने के बाद भी दूसरे नंबर पर रहते हुए करीब 70000 वोट अपने पक्ष में लाकर धनंजय सिंह ने साबित कर दिया था कि वह अब भी उसी क्षेत्र के राजनीतिक धुरंधर हैं। इसी बलबूते उन्होंने पत्नी श्रीकला सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाने के लिए सदस्य का चुनाव लड़ाया। उनके सामने राजकुमार यादव और भाजपा की उषा सिंह चुनौती दे रही थीं।

श्रीकला सिंह की जीत के सियासी मायने
यूं तो श्रीकला सिंह जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भारी अंतर से जीत चुकी हैं। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा रहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी का उन्हें प्रबल दावेदार माना जा रहा है। श्रीकला की जीत के कई सियासी मायने हैं जो धनंजय सिंह के पक्ष में जाते हैं। धनंजय सिंह लंबे अरसे से सत्ता के सुख से दूर हैं। लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव लगातार हारते आ रहे हैं। इस बार उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर दांव लगाया और यह बराबर फिट जाकर बैठा। अगर श्रीकला सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष बन जाती हैं तो कहीं न कहीं धनंजय सिंह की राजनीतिक पकड़ मजबूत होगी।

धनंजय सिंह ने सिर्फ एक दिन किया प्रचार
धनंजय सिंह ने पत्नी श्री कला सिंह के लिए महज एक दिन क्षेत्र में घूम कर प्रचार किया। उसके पहले श्रीकला सिंह के साथ एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू और अन्य समर्थक प्रचार प्रसार में लगे हुए थे। आखिरी के दिनों में धनंजय सिंह का महल क्षेत्र में घूम जाने से ही श्रीकला के पक्ष में फिजा बन गई।

अब श्रीकला ने जब्त कराई भाजपा की जमानत
वर्ष 2020 में जब मल्हनी विधानसभा का उपचुनाव हुआ तो धनंजय सिंह की वजह से भाजपा की जमानत जब्त हो गई थी, इस बार जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही श्रीकला सिंह के आगे भाजपा फिर अपनी जमानत नहीं बचा पाई। यहां तक कि श्रीकला सिंह को 14872 मत मिले। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष राज बहादुर यादव की पत्नी राजकुमारी यादव को महज 3518 मत लेकर दूसरे नम्बर पर रहीं।

श्रीकला सिंह ने जनता का जताया आभार
श्रीकला सिंह ने जीत का श्रेय जनता को दिया। उन्होंने कहा कि लोगों ने उनपर भरोसा करके ऐतिहासिक जीत दिलाई है। वो सूद समेत उनका कर्ज चुकाएंगी। उनके पति ने हमेशा जाति धर्म से ऊपर उठकर सभी की मदद की है।

Published on:
04 May 2021 07:05 pm
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